फतवे ने तोड़ दिये गिटार के तार, लड़कियों ने किया रॉक बैंड से तौबा
श्रीनगर। कट्टरपंथियों की धमकियों के सामने संगीत हार गई। गिटार के तार टूट गये और कश्मीर का पहला रॉक बैंड 'परगाश' बनाने वाली 3 लड़कियों ने कथित तौर पर हमेशा के लिये संगीत को अलविदा कह दिया। हालांकि बैंड और संगीत से तौबा कहने के बाद भी यह विवाद कम होने का नाम नहीं ले रहा है। बैंड के खिलाफ रविवार को फतवा जारी करने वाले कश्मीर के मुफ्ती ए आजम बशीरूद्दीन ने सोमवार को अपना स्टैंड दो बार बदला। वहीं राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने इस फतवा की निंदा की है और विरोध जताया है।
हालांकि 'परगाश' की तीनों लड़कियों या फिर उनके परिजनों ने इस संबंध में कोई बयान नहीं दिया है लेकिन उन लड़कियों के एक निकट रिश्तेदार ने दावा किया है कि फतवे के बाद से इन बच्चियों ने बैंड बंद कर दिया है। उन्होंने दावा किया है कि वो भविष्य में किसी भी संगीत से वास्ता नहीं रखेंगी। मालूम हो कि मुफ्ती बशीरूद्दीन ने फतवा जारी करते हुए कहा कि इस्लाम में संगीत पर पाबंदी है।

इतना ही नहीं मुफ्ती बशीरूद्दीन ने रॉक बैंड में शामिल लड़कियों के मां-बाप को भी नसीहत दे डाली और कहा कि उन्हें अपने बच्चों को अच्छी बातें सिखानी चाहिए और उन्हें हजारों लोगों के सामने मनोरंजन का जरिया बनने से रोकना चाहिए। इस बीच, एक मौलवी अख्तर नामक उलेमा ने कहा, बेशक ये लड़कियां गैर-इस्लामिक काम कर रही हैं। मैं भी रॉक बैंड के खिलाफ हूं, लेकिन मैं मुफ्ती बशीरुद्दीन साहब के भी खिलाफ हूं।












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