भारत और बांग्लादेश ने किये प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर
नई दिल्ली। दो दिन की बांग्लादेश की यात्रा पर गये भारत के गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे और उनके बांग्लादेशी समकक्ष मुहिउद्दीन खान आलगगीर के बीच आतंकवाद को रोंकने के लिए प्रत्यर्पण और वीजा सम्बंधी मामलों में कई निर्णय लिये गये हैं। प्रत्यर्पण संधि पत्र में इंकार का भी प्रावधान था जिसके अनुसार आतंकी के प्रत्यर्पण से देश की सुरक्षा को खतरा है तो सम्बंधित देश इससे इंकार भी कर सकता है।
गौरतलब है कि पिछले दिनों भारत ने अमेरिका से मुंबई हमलों के आरोपी डेविड कोलमैन हेडली के प्रत्यर्पण की मांग भी की थी, जिससे अमेरिका ने इनकार कर दिया थ, इसके बाद अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की किरकिरी भी हुई थी। अत: इस बात को ध्यान में रखकर प्रत्यर्पण संधि पत्र में 'इंकार' का प्रावधान भी किया गया है।

इसके अलावा दोनों देशों के बीच वीजा सम्बंधी फैसले भी लिये गये। इसके अंतर्गत दोनों देशों के व्यापारियों को पांच वर्षीय बहुप्रवेश वीजा दिया जायेगा। चिकित्सकीय उद्देश्य से आने के लिए दो वर्षीय वीजा अवधि स्वीकृत की गई है जिसे एक वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है। चिकित्सकीय वीजा में मरीज के साथ तीन और लोगों को भी वीजा दिये जाने का प्रावधान किया गया है।
दोनों देशों के बीच वीजा सम्बंधी नियमों में बदलाव करने को लेकर कोई खास कदम नहीं माना जा रहा है क्योंकि पहले से ही भारत में लगभग दो करोड़ बांग्लादेशी रह रहे हैं। जिनके पास कोई भी आधिकारिक स्वीकृति नहीं है। प्रत्यर्पण संधि को लेकर भी कोई खास संकेत नहीं मिल रहे हैं।












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