दिल्ली: गैंगरेप आरोपियों की केस ट्रांसफर की अर्जी खारिज

इन आरोपियों ने अपनी अर्जी में ये दलील दी थी कि इस केस से लोगों की भावनाएं जुड़ी है और मीडिया की पैनी नजर इस केस पर बनी हुई है , इसलिए उन्हें शक है कि दिल्ली में उन्हें न्याय नहीं मिल पाएगा। आरोपियों के वकील ने दलील दी थी इस केस से भावनात्मक जुड़ाव होने ही वजह से हो सकता है कि जज अपना निष्पक्ष फैसला नहीं सुना पाए। गैंगरेप के आरोपियों के केस ट्रांसफर की सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस अर्जी के खारिज करते हुए इस मामले की सुनवाई दिल्ली में ही करवाने का फैसला दिया है।
गौरतलब है कि कल जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड ने कल मामले के छठे आरोपी को नाबालिग करार दिया, जिसके बाद लोगों ने बोर्ड के इस फैसले पर अपनी नाराजगी जताई। बोर्ड ने आरोपी के स्कूल सर्टिफिकेट के आधार पर उसे नाबालिग करार देते हुए उस पर बाल सुदार नियमों के तहत मामला च लाने का आदेश दिया है। जुवेनाइल जस्टिस एक्स के मुताबिक नाबालिग आरोपी को अधिकतम तीन साल की ही सजा हो सकती है।












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