कांग्रेस के चिंतन शिविर में राहुल बाबा की पूजा
हर रोज धार्मिक चैनलों पर आप बाबाओं के शिवर का लाइव कवरेज देखे होंगे। आप देखते होंगे कैसे एक बाबा मंच पर बैठे रहते हैं और हजारों भक्त, भक्ति में लीन होकर उनकी पूजा करते रहते हैं। ठीक वैसा ही मंजर इस समय कांग्रेस के चिंतन शिविर में है। यहां भी एक बाबा हैं और उनका पूजन चल रहा है। बाबा का नाम है 'बाबा राहुल जी महाराज'। कांग्रेस के इस यज्ञ में कोई राक्षस (भाजपा) मांस के टुकड़े डालकर अपवित्र न करदे उसके लिये कुछ सैनिकों (नेताओं) को तैनात किया गया है। पूजन शनिवार देर रात तक तब तक चलेगा, जब तक कांग्रेस कोर कमेटी की बैठक खत्म न हो जाये।
यह नजारा है उस चिंतन शिविर का जिसकी शुरुआत हुई थी महिला सशक्तिकरण, मिडिल क्लास और युवाओं की समस्या पर मंथन करने के लिये लगाया गया था। देश के कई गंभीर मुद्दों पर महज एक दिन चर्चा हुई और अगले ही दिन चिंतन छोड़ सब राहुल बाबा के पूजा-पाठ में जुट गये। इस शिविर में राहुल बाबा को बड़ी जिम्मेदारी दिये जाने के लिये किये जा रहे यज्ञ यानी चर्चा में कोई खलल नहीं पहुंचे, इसलिये राक्षसों (भाजपा नेताओं) को जवाब देने के लिये मणिशंकर अइय्यर और राशिद अलवी सैनिक की भूमिका निभा रहे हैं।
भाजपा ने जब शिविर पर हमला बोला तो मणिशंकर ने उसे कुत्ता-बिल्ली कहकर भगाने के प्रयास किये। वहीं राहुल भक्त के रूप में मौजूद राशिद अलवी ने भाजपा को डरपोक करार देते हुए आंखें दिखा दीं। उन्होंने कहा, "भाजपा राहुल गांधी से डरती है। राहुल गांधी जैसा से बेहतर नेतृत्व कहीं मिल ही नहीं सकता।"
शिविर के अंदर प्रवेश करते ही मुलाकात हुई संजय निरूपम से। उनका हाल कहाकुंभ के उस साधु की तरह है, जो ईश्वर के नाम की भस्म रमा कर गंगा में डुबकी लगाने निकल गया है। राहुल बाबा के भक्त निरूपम ने टीवी चैनलों के कैमरों के सामने खड़े होकर अपने बाबा का गुणगान करते हुए कह दिया कि वही कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे।
शिविर में संसदीय कार्य मंत्री राजीव शुक्ला कहते हैं, "आज के इस शिविर में युवा शक्ति को नई पहचान मिलने वाली है। राहुल गांधी को बड़ी जिम्मेदारी दिये जाने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कब, कैसे और कौन सी जिम्मेदारी देनी है, यह कल सुबह पूरे देश को पता चल जायेगा।"
टेलीकॉम मंत्री कपिल सिब्बल ने कहा, "इस शिविर में हमारी पांच कमेटियां बैठीं थीं। उनके इनपुट इकठ्ठा किये जा रहे हैं। जो कुछ भी निर्णय होगा उसकी घोषणा कल की जायेगी। 2013 सोशल मीडिया को कैसे हैंडल करना है, माईनॉरिटीज, एससीएसटी, मिडिल क्लास आदि को कैसे अपने साथ जोड़ें इस पर हमने चर्चा की। हमारे सामने जो आर्थिक स्थिति है, उसे नजरअंदाज नहीं करना है। हमें जनता को भी परेशान नहीं करना है। निश्चित रूप से युवाओं को और मौका मिले। हम लोग अब सीनियर सिटीजन हो गये, अब युवा पीढ़ी ही हिन्दुस्तान आगे ले जायेंगे। रही बात राहुल गांधी की तो उनका रोल पार्टी तय करेगी।"
कुल मिलाकर देखा जाये तो इस समय पूरी कांग्रेस पार्टी राहुल बाबा को गद्दी पर बैठाने के लिये लालायित दिख रही है। उम्मीद है आज रात अहम फैसला होने के बाद राहुल गांधी की नई भूमिका का ऐलान कल सुबह कर दिया जायेगा और यह ऐलान कोई और नहीं उनकी मां व यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी।













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