प्रधानमंत्री ने कहा कि संसद और सभापति का करें सम्मान

मायावती ने सभापति पर सवाल उठाते हुए कहा था कि दोपहर 12 बजे के बाद में कामकाज नहीं होता। सभापति को 12 बजे यहां से चले जाना चाहिए। मायावती सरकार द्वारा पदोन्नति में आरक्षण के बिल का समर्थन करने के लिए कह रही है। इसी समर्थन की उम्मीद के चलते ही मायावती ने एफडीआई के मुद्दे पर राज्यसभा में केंद्र सरकार के पक्ष में वोट किया था। इस बिल को बसपा सरकार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री ने आगे अपनी बात कहते हुए कहा कि हमारी सरकार और पार्टी के लोग सदन का सम्मान करते हैं। हम सभी को चाहिए कि हमारा व्यवहार ऐसा न हो जिससे की सदन की गरिमा को ठेस पहुंचे। मैं सदन के तमाम सदस्यों से उम्मीद करता हूं कि वो सभापति और सदन का सम्मान करेंगे।
इस पर विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने कहा कि हम सभापति से वादा करते हैं कि सदन की गरिमा का बनाये रखेंगे। जिस पर राज्यसभा के सभापति हामिद अंसारी ने सभी दलों को धन्यवाद दिया और सभी से सहयोग की उम्मीद जताई।
बसपा सरकार सन 2007 में बहुमत के साथ सत्ता में आयी थी लेकिन 2012 के विधानसभा चुनाव में सपा ने उसे फिर से सत्ता से बाहर कर दिया।












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