नर्क जैसी जिंदगी जी रहे हैं दिल्ली के पतपड़गंज के लोग, बेपरवाह प्रशासन
नयी दिल्ली। कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन और मेट्रो रेल के सफल संचालन के बल पर दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित भले ही दिल्ली के विकसित होने का ढ़ोल पीटती हों मगर दिल्ली का सच कुछ और ही है। यहां के पॉश इलाकों की हालत यह है कि यहां के रहने वाले लोग नरकीय जिंदगी जी रहे हैं। कॉलोनी की सड़कों पर सीवर का गंदा और दूषित पानी लहरें मार रहा है। जी हां हम बात कर रहे हैं दिल्ली के पतपड़गंज की पॉश सोसायटी विधि अपार्टमेंट की। विधि अपार्टमेंट सोसायटी का यह हाल जल बोर्ड, नगरपालिका और विकास प्राधिकरण के उदासीनता के चलते हुआ है।
सोसायटी में जल बोर्ड का सीवर सिस्टम धवस्त है जिसके चलते पानी सड़कों पर आ जाता है और सड़कें टूट रही हैं। इतना ही नहीं सीवर लाइन भी टूटी हुई हैं और गंदा पानी सड़कों पर फैला हुआ है।

विधि अपार्टमेंट में रहने वाले और पेशे से सरकारी कर्मचारी (मैनेजर, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्मार्ट गवर्नमेंट) अभिषेक भट्ट ने वनइंडिया को बताया कि सोसायटी ने इस संबंध में पिछले दो साल से शिकायत कर रही है मगर संबंधित विभागों पर इस बात का कोई असर नहीं है। अभिषेक भट्ट ने बताया कि जल बोर्ड के पास जाओ तो यह कह कर टाल दिया जाता है कि सड़क खोदनी पड़ेगी तो डीडीए (Delhi Development Authority) की स्वीकृति चाहिए।
डीडीए के पास जाओ तो वो यह कह कर टाल देते है कि इलाका ईडीएमसी (East Delhi Municipal Corporation) के तहत आता है तो जबतक नगर पालिका नहीं कहेगी तकतक हम कुछ नहीं कर सकते। श्री भट्ट ने बताया कि इस संबंध में सोसायटी के लोगों ने इलाके के विधायक नसीब सिंह से भी इस संबंध में शिकायत की मगर उन्होंने इसे टाल दिया और हालात आज भी जस का तस है। सोसायटी के लोगों का कहना है कि गंदे पानी के चलते डेंगू फैलने का खतरा तो है ही साथ ही साथ पीने वाले पानी में कभी-कभी सीवर का पानी आना प्राण घातक है।
यह है ताजा हाल उस दिल्ली का जो देश की राष्ट्रीय राजधानी कही जाती है। शीला दीक्षित से लेकर मनमोहन सिंह तक दिल्ली के विकास का राग अलापते है लेकिन दिल्ली के दिल का यह हाल है। अगर ऐसे में आम आदमी पार्टी के संस्थापक अरविंद केजरीवाल दिल्ली की दुर्दशा गिनाते हैं तो क्यों उन्हें सत्ता लोभी कहा जाता है। आप क्या कहना चाहेंगे अपनी बात नीचे लिखे कमेंट बॉक्स में दर्ज करायें।












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