'FDI पर जीत सरकार की नहीं बल्कि CBI की है'
भाजपा का इशारा सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह और बसपा सुप्रीमो मायावती की ओर था जिन्होंने वोटिंग में हिस्सेदारी नहीं की और वाकआउट कर गये। सदन के अंदर और बाहर दोनों ने एफडीआई का घोर विरोध किया लेकिन जब चुनने की बारी आयी तो वो सदन से बाहर आ गये। बीजेपी यह कहना चाह रही थी कि दोनों ही के खिलाफ सीबीआई गिद्द की तरह पड़ी है। इसलिए सरकार का समर्थन करना उनकी मजबूरी है।
विपक्ष की कद्वावर नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि जनता के सामने ऐसे दो नेता खुल कर सामने आ गये हैं जिनकी कथनी औऱ करनी में फर्क होता है जो दिखावे के लिए एफडीआई का विरोध कर रहे थे और अंदर ही अंदर सरकार का साथ दे रहे थे।
मालूम हो कि लोकसभा में एफडीआई के विरोध में विपक्ष का प्रस्ताव 253 के मुकाबले 218 मतों से धराशाही हो गया है। खैर लोकसभा में तो सरकार के पक्ष में फैसला आया है अब बारी राज्यसभा की है जहां इस मुद्दे पर आज बहस होनी है।













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