बाबरी विध्वंस बरसी: कब होगा अयोध्या में विकास का सवेरा?
बैंगलोर। आज बाबरी विध्वंस की 20वीं बरसी है। आज ही दिन अयोध्या में कुछ ऐसा हुआ था जिसने पूरे भारत में एक सनसनी फैला दी थी। जिसके कारण राजनीतिक तख्ता पलट हुआ, मामला कोर्ट में पहुंचा और बहुत सारा खून बहा। आज भी मंदिर-मसजिद विवाद पर चुनावी बिसातें बिछायी जाती है। इसी साल यूपी में हुए चुनाव में एक बार फिर से राम लला मंदिर का नारा प्रबल हुआ, जोड़-तोड़ का हिसाब हुआ लेकिन किसी ने भी अयोध्या के बारे में नहीं सोचा।
जब-जब अयोध्या की बात हमारे राजनेता करते हैं तब-तब राममंदिर की बातें होती है लेकिन कभी किसी ने इस शहर की माली हालत की बारे में सुध नहीं ली। उन युवाओं के बारे में नहीं सोचा जो देश के भविष्य हैं। राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव की राजनीति में कभी भी अयोध्या के विकास की बात नहीं हुई।
साल1992 में जिन बच्चों के समय विध्वंस हुआ था वो आज जवान हो चुके हैं लेकिन उन्होंने अपने लड़कपन से जवानी की दहलीज तक में कभी अयोध्या को फलते-फूलते नहीं देखा। ना तो यहां मौली चीजें मसलन बिजली, पानी औऱ सड़क है और ना ही यहां कोई रोजगार के पर्याप्त साधन।
वैसे अपनी भौतिक चीजों के लिए तो पूरा यूपी संघर्ष कर रहा है लेकिन अयोध्या ने तो अपने संघर्ष की हद ही पार कर दी है। इससे सटे फैजाबाद विश्वविद्यालय में पढ़ाई करते हुए मैंने इस शहर को बहुत करीब से जाना है। यहां के लड़के-लड़कियों के लिए मोबाइल और इंटरनेट किसी जादूई औऱ मायावी चीजों से कम नहीं हैं। अयोध्या की लड़कियां इसलिए आगे नहीं पढ़ पाती है क्योंकि उच्च शिक्षा के लिए फैजाबाद आना पड़ेगा जो उनके घर वाले कर नहीं सकते हैं और अयोध्या में पर्याप्त साधन नहीं है।
अजीब बात हैं कि यूपी से लेकर दिल्ली तक हमेशा अयोध्या के मंदिर की बात होती है लेकिन कभी यह नहीं सोचा जाता कि क्या केवल मंदिर बन जाने से ही यह शहर अग्रणी हो जायेगा। मंदिर पर मत्था टेकने से ही शहर की हालत सुधर जायेगी।क्या अयोध्या में रहने वाले युवा 'युवा वर्ग' की श्रेणी में नहीं आते हैं। देश भर में युवाब्रिगेड तैयार करने वाले कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी आखिर आज तक एक बार भी अयोध्या क्यों नहीं गए? क्या उन्हें ये लगता है कि अयोध्या के युवा देश की तरक्की में साथ नहीं दे सकते हैं?
हमेशा रामलला को अपना बताने वाली भाजपा पार्टी ने भी आखिर आज तक अयोध्यावासियों के लिए क्यों कुछ नहीं किया? हमेशा वो कहती है अयोध्या और राम पर उसका एकाधिकार है तो फिर क्यों आज तक वहां के लोग अपनी बेबसी और लाचारी पर आंसू बहा रहे हैं? आखिर कब तक अयोध्या को केवल हम आज के दिन के लिए ही याद करते रहेंगे। आखिर कब होगा अयोध्या में विकास का सवेरा, इन सारी बातों का जवाब कब और कौन देगा?
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