पुलिस के सामने फफक कर रो पड़ी रेप पीड़िता

गौरतलब है कि फतेहपुर शहर की लोधीगंज मुहल्ले की रहने वाली शादी के झांसे में पड़कर अस्मत लुटा चुकी एक दलित छात्रा चार दिन महिला थाने में बंद रहने के बाद अब एक हफ्ते से से नारी निकेतन में बंद है, शनिवार को उसे विवेचक सीओं सिटी निहत्थी महिला पुलिस कर्मी के साथ नारी निकेतन से अपने दफ्तर तलब किया और सीआरपीसी की धारा-161 के तहत उसका बयान दर्ज किया। इस दौरान पीड़ित छात्रा कितनी टूट चुकी है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वह सीओ गौरव सिंह के सामने फफक कर रो पड़ी और कहा कि ‘मैं निर्दोष हूं, मुझें नारी निकेतन से छोड़ दें, मैं बालिग हूं, वहां मुझे जान का खतरा है।' लेकिन सीओ कितने निर्ददयी निकले कि उसे पुनः शाम नारी निकेतन भेज दिया।
वनइंडिया को थाने पर तैनात सिपाही ने बताया कि दोपहर में एक निहत्थी महिला सिपाही नारी निकेतन से पीड़िता को लेकर सीओ दफ्तर आयी थी, यहां उसका सीआरपीसी की धारा-161 के तहत बयान दर्ज किया गया है। बयानात दर्ज कराते समय पीड़िता बेहद टूटी हुई थी और उसी दौरान वह फफक कर रो पड़ी और सीओ साहब से गिड़गिड़ा कर कहा कि वह बालिग है, निर्दोष है, उसे नारी निकेतन से छोड़ दिया जाए। लेकिन उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिर नारी निकेतन भेज दिया गया है।
अब सवाल यह उठता है कि पुलिस को आभायस है कि पीड़िता को इतना खतरा है कि उसे नारी निकेतन में रखसना जरूरी है तो फिर उसे निहत्थी महिला सिपाही के साथ क्यों घुमाया जा रहा है? अब तक एक भी मुल्जिम को न गिरफ्तार करने वाली पुलिस के पास इसका कोई जवाब नहीरं है। पीड़िता ने वन इंडिया को नारी निकेतन में दाखिल किए जाने पूर्व बताया कि ‘उसे लगातार सम्झौता करने के लिए कहा जा रहा है, न करने पर उसे जान का खतरा है।












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