कम्प्यूटर से चेक बनाकर लाखों कमाये

एसएसपी आरके चतुर्वेदी ने बताया कि कुछ दिन पहले हजरतगंज स्थित गोल्डरश सेल्स एण्ड सॢवस के बैंक खाते से दो फर्जी चेकों की मदद से करीब 9 लाख से अधिक की रकम निकाल ली गयी। बैंक से रकम निकल जाने की जानकारी कम्पनी को कुछ सप्ताह बाद पता चली। कम्पनी की शिकायत पर जांच हुई तो पता चला कि उक्त रकम को अनिल सिंह नाम के एक व्यक्ति ने अपने खाते में ट्रांसफर कराया था।
गोल्डरश कम्पनी ने जवाहर भवन स्थित एसबीआई बैंक को बताया कि कम्पनी ने अनिल नाम के किसी भी व्यक्ति को कोई चेक नहीं दिया। बैंक ने तत्काल पुलिस में अनिल सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस अभी जांच पड़ताल कर ही रही थी कि सोमवार को बैंक ने पुलिस को सूचना दी कि अनिल सिंह अपने एक अन्य साथी के साथ चेक लेकर बैंक पहुंचा है।
पुलिस ने तत्काल अनिल सिंह और उसके साथी को मौके से ही धर लिया। पुलिस को उनके पास से 3 लाख 3 हजार रुपये नकद मिले। पूछताछ की गयी तो पता चला कि अनिल सिंह का असली नाम अभय सिंह और मूल रुपये से अम्बेडकरनगर का रहने वाला है। उसने दूसरे साथी ने अपना नाम इलाहाबाद निवासी शुएब अहमद बताया। दोनों ने पुलिस को इस बात की जानकारी दी कि उन लोगों ने ही गोल्डरश कम्पनी के दो फर्जी चेक तैयार करके रुपये निकाले थे। आरोपी अभय सिंह फैजाबाद से बीए की पढ़ाई कर रखा है, जबकि आरोपी शुएब इण्टर तक की पढ़ाई कर चुका है।
अभय सिंह के पिता बद्री सिंह अम्बेडकरनगर में ही एक कालेज चलाते हैं। दोनों जालसाज गोमतीनगर के नवाबपुरवा इलाके में किराये के मकान में रहते थे। छानबीन में पुलिस को इस बात की भी जानकारी मिली है कि जालसाजों ने राजधानी के अलग-अलग बैंकों में 11 खाते फर्जी ढंग से खोल रखे थे। दोनों जालसाज प्रतिष्ठिïत कम्पनी का चेक हासिल करने के बाद उसको क प्यूटर की मदद से स्कैन करके कई चेक बना लेते थे और फिर कम्पनी के खाते से रुपये निकालते रहते थे। दोनों जालसाज प्रदेश के अलावा मुम्बई, अहमदाबाद और अन्य जगह पर ठगी कर चुके हैं। पुलिस अभी इस गैंग में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।












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