अखिलेश यादव ने यूपी पुलिस को दी पूरी छूट

अखिलेश यादव ने कहा कि कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाये रखना उनके सरकार के लिये सबसे बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि सपा की यह पहली सरकार है जिसनें पुलिस को उनके तरीके से काम करने की इजाजत दी है। अखिलेश ने साफ किया कि सरकार ने पुलिस को यह आधिकार दे रखा है कि कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जो भी संभव हो कदम उठाए जाएं अपराध करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा न जाए। उन्होंने कहा कि इससे पहले पार्टी की किसी सरकार में पुलिस को इतनी स्वतंत्रता नहीं दी थी लेकिन सपा ने पुलिस प्रशासन को प्री हैंड बनाया है। उम्मीद है पुलिसकर्मी पूरी इमानदारी और निष्ठा से अपने काम को अंजाम देंगे।
उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अपराधियों के खिलाफ पुलिस के लचीले रूख को किसी हालत में सहन नहीं करेगी। पुलिस के कारण सरकार की छवि खराब हो इसे बर्दाश्त नहीं किया जायेगा ऐसी परिस्थिति में सरकार पुलिस के खिलाफ भी कड़े निर्णय ले सकती है। पुलिस अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को समझें। उन्होंने कहा कि कुछ पुलिस अधिकारी और कर्मी ऐसे हैं जो अपने काम को ठीक से अंजाम नहीं दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने सभी पुलिस अधीक्षक को दिये नये निर्देश में कहा कि वह अपने-अपने जिलों के अपराधियों की नयी सूची तैयार करें ताकि किसी बड़ी घटना के समय उन पर कड़ी नजर रखी जा सके। नयी सूची जल्द बन जानी चाहिये। उन्होंने नयी सूची बहुजन समाज पार्टी सरकार के समय तैयार की गयी सूची की तरह नहीं होनी चाहिये जो कभी पूरी ही नहीं हुई। उहोंने कहा कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति को भी ठीक रखना अति आवश्यक है। कानून व्यवस्था की खराब स्थिति सरकार की छवि पर बुरा असर डालती है।
मुख्यमंत्री ने बसपा प्रमुख मायावती का नाम लिये बिना कहा कि प्रधानमंत्री के पास एक नेता दिन का खाना खाने गयीं और प्रधानमंत्री आवास से बाहर आते ही कहा कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था एक सौ प्रतिशत खराब है। गनीमत है कि खाना शाकाहारी था यदि मांसाहारी होता तो उनकी टिप्पणी और ज्यादा आक्रामक होती। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ खबरिया चैनल छोटा अपराध हो जाने पर भी राज्य की कानून व्यवस्था को बहुत खराब बताने से नहीं चूक रहे हैं। अपराधों को बढ़ाकर दिखाने वाले खबरिया चैनल को पुलिस के अच्छे काम भी दिखाने चाहिये।












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