ठाकरे के स्वास्थ्य की खबर सुनकर क्यों बंद हुआ मुंबई?

जिस व्यक्ति को रोज ऑफिस पहुंचने में एक घंटा लगता था, आज 20 मिनट में पहुंच गया। यानी ट्रैफिक बिलकुल नहीं है। तमाम बड़ी कंपनियों ने पहले से ही ऑफिस बंद रखने का फैसला कर डाला। महाराष्ट्र सरकार ने केंद्र की मदद से रैपिड ऐक्शन फोर्स बुला ली है। साथ ही पूरे महाराष्ट्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। हमने आपको दिन भर मातोश्री के लाइव अपडेट भी दिये।
शिवसेना के प्रवक्ता ने थोड़ी ही देर पहले बताया कि अब बाला साहब की तबियत में सुधार भी हो रहा है। हम दुआ करेंगे कि वो जल्द ठीक हो जायें। लेकिन क्या आपके सोचा है कि आखिर इतनी जल्दी पुलिस फोर्स क्यों बुलाई गई, मुंबई में बंद जैसा माहौल क्यों बन गया? इतिहास के पन्ने पलटें तो इन सवालों के जवाब खुद-ब-खुद मिल जायेंगे।
याद हैं एमजीआर और डा. राज कुमार
अगर आपको याद हो जब तमिलनाडु के एमजी रामचंद्रन और कर्नाटक में डा. राज कुमार का निधन हुआ था। तब उनके प्रशंसकों ने जो तांडव मचाया था, वो पुलिस के लिये किसी बड़े सबक से कम नहीं। उन दोनों का अचानक निधन नहीं हुआ था। पुलिस को तब भी पर्याप्त समय मिला था तैयारी करने का, लेकिन कर्नाटक और तमिलनाडु की पुलिस को इस बात का अंदाजा नहीं था कि दोनों विभूतियों के करोड़ों प्रशंसकों को निजी तौर पर इतना बड़ा आघात पहुंचेगा कि उनका दु:ख हिंसा में बदल जायेगा।
इन दोनों के निधन के बाद हुई हिंसा में दर्जनों लोगों की मौत हुई। 24 दिसंबर 1987 को एमजीआर के निधन के बाद हुई हिंसा तो इतनी ज्यादा बढ़ गई थी कि पुलिस ने देखते ही गोली मारने के आदेश तक दे दिये थे। उनकी मौत के बाद हिंसा में 29 लोग मरे थे। वहीं 30 लोगों ने आत्महत्या कर ली थी। इसी प्रकार अप्रैल 2006 में जब डा. राज कुमार का निधन हुआ, तब हुई हिंसा की वजह से करोड़ों डॉलर का नुकसान हुआ था। उस दौरान बेंगलूरु में दंगे हुए थे। इस हिंसा में 8 लोगों की मौत हुई थी। करीब 10 हजार लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए थे।
अब बात अगर बाल ठाकरे की करें तो वो सिर्फ एक राजनेता नहीं हैं। तमाम शिवसैनिकों के आदर्श हैं। तमाम लोगों के जीवन में बदलाव लाने वाले इस व्यक्ति से लोग खुद को जुड़ा हुआ महसूस करते हैं। ईश्वर न करे कि ऐसा हो, लेकिन यदि उन्हें कुछ भी हुआ तो शिवसैनिकों को काबू करना काफी मुश्किल होगा। यह बात मुंबई पुलिस अच्छी तरह जानती है। हालांकि अभी ऐसी कोई भी बात कहना गलत होगा, लेकिन हम बाला साहब की लंबी आयु की कामना के साथ यही प्रार्थना करेंगे कि इतिहास दोहराये नहीं।












Click it and Unblock the Notifications