स्क्रीनिंग परीक्षा में फेल उम्मीदवारों को मिली नौकरी

यह भर्ती एससी बैकलॉग कैटेगरी के तहत होनी थी, जिसके लिए 42 पद विज्ञापित हुए थे। इसके लिए आयोग द्वारा 27 मार्च 2011 को स्क्रीनिंग टेस्ट लिया गया था। स्क्रीनिंग टेस्ट में पदों का गुणा उम्मीदवार यानी 126 को पास करना था, लेकिन आयोग ने स्क्रीनिंग टेस्ट में 132 उम्मीदवारों को पास किया। इन्हीं उम्मीदवारों का साक्षात्कार लेकर फिर अंतिम चयन होना था। गत 31 अक्टूबर 2012 को आयोग द्वारा अंतिम चयन सूची जारी की गई, लेकिन 42 चयनित उम्मीदवारों में से छह उम्मीदवार ऐसे है, जो स्क्रीनिंग में फेल घोषित किए गए थे।
आखिर इन्होंने अंतिम चयन सूची में बाजी कैसे मारी, यह समझ से परे है। इससे पहले भी आयोग द्वारा की गई स्कूल कैडर लेक्चरार की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठे है। उस वक्त भी स्क्रीनिंग में फेल उम्मीदवारों का सेलेक्शन किया गया है, लेकिन आयोग की ओर से सार्वजनिक तौर पर सफाई भी दी गई थी कि साक्षात्कार विज्ञापित पदों के तीन गुणा उम्मीदवारों का लेना था। स्क्रीनिंग में पास उम्मीदवारों में सभी साक्षात्कार के लिए नहीं पहुंचे और तीन गुणा उम्मीदवार पूरे करने के लिए स्क्रीनिंग में फेल कुछ उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए कॉल कर लिया गया। साक्षात्कार में पास होने पर उनका अंतिम चयन सूची में सेलेक्शन हो गया, लेकिन इस केस में यह दलील भी लागू नहीं होती है, क्योंकि एचपीएससी पहले ही तीन गुणा से ज्यादा उम्मीदवारों को स्क्रीनिंग में पास किए हुए है।
स्क्रीनिंग में पास 126 उम्मीदवार होने थे जबकि पहले ही 132 उम्मीदवारों को पास किया हुआ है। इसके लिए पुरुष उम्मीदवारों का कट ऑफ 53 अंक है तो महिला का 28 अंक रखा गया है, लेकिन स्क्रीनिंग में फेल इन छह उम्मीदवारों के लिए बाद में कट ऑफ अंक की शर्त घटा दी गई। इसके बाद आयोग ने पुरुष उम्मीदवारों के सेलेक्शन के लिए कट ऑफ 52 अंक तथा महिला के लिए कट ऑफ 27 अंक कर दिया गया। कट ऑफ कम होने से स्क्रीनिंग में फेल 28 उम्मीदवार भी साक्षात्कार देने के योग्य हो गए। इस तरह से आयोग द्वारा 126 की बजाय 160 उम्मीदवारों का साक्षात्कार लिया गया,जो सरासर नियमों के खिलाफ है। इसी कारण कुछ असफल आवेदक अंतिम चयन सूची पर सवाल उठा रहे है।
स्क्रीनिंग में फेल होने पर इनकी लगी लाटरी
आयोग द्वारा जारी की गई स्क्रीनिंग लिस्ट में रोल नंबर 30, 194, 234, 292, 374 व 383 को फेल घोषित किया गया है, लेकिन अंतिम चयन सूची में इनकी लाटरी लगी है और इनको लेक्चरार की नौकरी दे दी गई। आवेदक सुरेश कुमार ने कहा कि इससे पहले भी इंग्लिश व अन्य विषयों की अंतिम सूची पर सवाल उठ चुके है, लेकिन आयोग द्वारा फिर से यह कारनामा कर दिया गया। यदि स्क्रीनिंग फेल का साक्षात्कार लिया जाना था तो आयोग को इससे पहले उद्घोषणा जारी करनी चाहिए थी।
साहब बैठक में व्यस्त
स्क्रीनिंग में फेल होने के बावजूद अंतिम चयन करने की वजह जानने के लिए एचपीएससी के टेलीफोन नंबर 0172-2560752 पर कॉल की गई तो जवाब मिला कि सचिव साहब बैठक में व्यस्त है, बाद में बात करना। इसके बाद फिर से संपर्क किया तो जवाब मिला कि साहब, निकल चुके है। इससे साफ है कि आयोग के अधिकारी ने इसका जवाब देने के बजाय पल्ला झाडऩा ज्यादा मुनासिब समझा।












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