सीएसटी के लिए हरियाणा को केंद्र दे 3000 करोड़

यह बहुत बड़ा मुद्दा है, जो राज्यों की वित्तीय योजनाओं को प्रभावित कर रहा है। चौधरी ने कहा कि केन्द्रीय वित्तमंत्री, पी. चिदम्बरम से मुलाकात के दौरान इस मुद्दे को जोरदार ढंग से उठाया जाना चाहिये। बैठक के दौरान किरण चौधरी और अन्य मंत्रियों ने कहा कि केन्द्र सरकार ने अपे्रल, 2007 से केन्द्रीय बिक्री कर (सीएसटी) की व्यवस्था को चरणबद्घ तरीके से समाप्त करने की योजना लागू होने के बाद राज्यों को इसके कारण वर्ष 2010 और इसके बाद होने वाले नुकसान की भरपाई के मुद्दे का समाधान नहीं निकाला है, क्योकि वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) की व्यवस्था अप्रेल 2010 से लागू होनी थी, जो अभी तक नहीं हो पाई है।
चौधरी और अन्य मंत्रियों ने कहा कि जब तक जीएसटी की व्यवस्था लागू नहीं हो जाती, तब तक सीएसटी को चरणबद्घ तरीके से समाप्त करने से राज्यों को होने वाले नुकसान की पूरी भरपाई की जानी चाहिये। अधिकार प्राप्त समिति के अध्यक्ष सुशील कुमार मोदी ने कहा कि केन्द्रीय वित्त मंत्री के साथ बैठक के दौरान विभिन्न मुद्दों को उठाया जायेगा। इससे सम्बधित विधेयक काफी समय से संसद की स्थायी समिति के विचाराधीन है।












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