गडकरी को बचाकर बीजेपी ने जेठमलानी नहीं मोदी को दिया झटका

इस फैसले के बाद वरिष्ठ सांसद रामजेठमलानी को करारा झटका लगा है, लेकिन राजनीतिक पुरोधाओं की माने तो इस फैसले से जेठमलानी नहीं मोदी को झटका लगा है क्योंकि ऐसा कहा जा रहा है कि मोदी और गडकरी की आपस में बनती नहीं है और मोदी के ही कहने पर जेठमलानी ने गडकरी के इस्तीफे की मांग की थी। जेठमलानी ने ही पार्टी वालों से कहा था कि आगामी चुनाव में मोदी को ही पीएम पद का उम्मीवार घोषित करे।
आपको बता दें कि इस फैसले से पहले ही पार्टी की दिग्गज नेता सुषमा स्वराज ने ट्विटर पर लिखकर कहा था कि वो गडकरी के साथ ही हैं इसलिए मीडिया में जो खबरें आ रही हैं कि मैंने गडकरी का साथ छोड़ दिया है तो यह गलत है। सुषमा स्वराज के इस बयान के बाद ही खबर आयी कि गडकरी ने अपने विवेकानंद और दाऊद वाले बयान बात पर माफी मांग ली है इसलिए भाजपा की ओर से कहा गया कि जो इंसान गलती मान ले फिर उसे सजा देने का सवाल ही पैदा नहीं होता।
गौरतलब है कि भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे नीतीन गडकरी के लिए समस्या उस समय उत्पन्न हो गयी जिस समय पार्टी की कार्यकारिणी सदस्यता से सांसद महेश जेठमलानी ने इस्तीफा दे दिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वो किसी भ्रष्टाचारी और अहंकारी के नीचे काम नहीं कर सकते हैं। उन्होंने सीधे तौर पर गडकरी को पद छोड़ने की बात कही थी। इससे पहले देश के जाने-माने वकील रामजेठमलानी ने भी गडकरी के इस्तीफे की मांग की थी।
यह सबकुछ चल ही रहा था कि गडकरी ने भोपाल के एक कार्यक्रम में स्वामी विवेकानंद और आतंकी सरगना दाऊद इब्राहीम के बौद्धिक स्तर को समान बता दिया जिससे चारों ओर कोहराम मच गया औऱ गडकरी के इस्तीफे की मांग ने जोर पकड़ लिया था लेकिन देर रात बीजेपी के ऐलान ने फिलहाल गडकरी प्रकरण को शांत करने की कोशिश की है देखते हैं यह शांति कितने दिन तक रह पाती है?












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