जौनपुर में डेंगू से चार लोगों की मौत, दर्जन भर बीमार

जौनपुर के सिरकोनी ब्लाक के जेठपुर कजगांव निवासी सफरूद्दीन की बेटी शबीना (26) गत एक सप्ताह से डेंगू बुखार से पीडि़त थी परिजन उसका इलाज कई चिकित्सकों से करा चुके थे लेकिन उसे लाभ नहीं हो रहा था। हालत अधिक बिगडऩे पर परिजन रविवार को उसे वाराणसी ले जा रहे थे लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों का दावा है कि शबीना की डेंगू के कारण मौत हुयी है। दूसरा मामला बक्सा के सुल्तानपुर गांव में प्रकाश में आया जहां के धनंजय दूबे की पत्नी सुमन दूबे (45) को बीते मंगलवार को बुखार हुआ था। चिकित्सकों से इलाज के बाद भी जब हालत में सुधार नहीं हुआ तो चिकित्सकों ने उन्हें वाराणसी के जिला चिकित्सालय ले जाने की सलाह दी जहां उनकी मौत हो गयी।
जिले के खुटहन थाना क्षेत्र से भटपुरा गांव निवासी पिन्टू (25) पुत्र पटई नाविक, अतुल पुत्र श्याम कन्हैया तथा सतीश (22) वर्ष मुम्बई में टैक्सी चलाते थे। वहीं वे डेंगू की चपेट में आ गये। हालत में सुधार नहीं हुआ तो तीनों एक सप्ताह पूर्व अपने अपने घर आ गये थे। पिन्टू ने शुक्रवार की रात में दम तोड़ दिया जबकि अतुल की रविवार को वाराणसी के निजी में अस्पताल में मौत हो गयी। सतीश का वाराणसी के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। डीपीआरओ कार्यालय के कर्मचारी धनजंय यादव व दिनेश श्रीवास्तव तथा जिला पंचायत का एक कर्मचारी डेंगू की चपेट में आ चुका है और सभी का निजी चिकित्सालय में इलाज हो रहा है। केराकत के सिपाह सुरेन्द्र कनौजिया व गुलजारी निषाद भी डेंगू की चपेट में हैं जो निजी चिकित्सालय में भर्ती हैं।
उधर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. टी.एन. मिश्र के अनुसार डेंगू पीडि़तों को प्लेटलेट्स चढ़ाने के लिए विभाग के पास कोई व्यवस्था नहीं है। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि जिले में डेंगू से एक भी मौत नहीं हुई है। उधर जिलाधिकारी सुहास एलवाई डेंगू मच्छर से बचाव के लिए जौनपुर नगर सहित अन्य स्थानों पर फॉगिंग कराने का आदेश दिए जाने की बात करते हैं। गौरतलब है कि जिले में पिछले एक सप्ताह में डेंगू से आठ लोगों की मौत हुयी लेकिन जिला प्रशासन अन्य बीमारी के कारण मौत होना मान रहा है।












Click it and Unblock the Notifications