संसद भंग कर जल्द से जल्द चुनाव करवाना चाहिए: अन्ना हजारे

जनरल वीके सिंह के साथ के बारे में बोलते हुए अन्ना हजारे ने कहा कि हम दोनों फौज में थे और दुश्मनों के साथ बहुत लड़ाई की मगर अब दुश्मन हमारे घर में ही घुस आया है इसलिये हम लोगों ने साथ लड़ने की ठानी है और यह लड़ाई 30 जनवरी से शुरु हो जायेगा। वहीं दूसरी तरफ मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्व सेना प्रमुख वीके सिंह ने कहा कि सरकार ने संविधान की आत्मा और उसकी भावनाओं को दरकिनार कर दिया है और वह जनता के खिलाफ काम कर रही है। सरकार के साथ विपक्ष भी इस मुद्दे पर चुप है। निजी कंपनियों के हितों के लिए नीतियां बनाई जा रही हैं और संसद में कोई इसके खिलाफ आवाज नहीं उठा रहा।
उन्होंने कहा कि हाल में सरकार ने ऐसे फैसले लिए हैं जिससे जनता की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जनरल ने डीजल और एलपीजी की कीमतें बढ़ाने सहित रिटेल में सौ फीसद एफडीआई का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण फैसले सरकार कैसे ले सकती है, जबकि वह अल्पमत में है। उन्होंने कहा कि दुनिया के बहुत से देश अपने कालेधन को वापस लाने के लिए प्रयासरत हैं लेकिन भारत सरकार इस मामले में उदासीन बनी हुई है। अगर हमारे देश का काला धन वापस आ जाए तो हम काफी मजबूत हो सकते हैं।












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