सरकार की प्रशासनिक विफलता का परिणाम है फैजाबाद दंगा: भाजपा

पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच करायी जानी चाहिए। पार्टी के राज्य मुख्यालय पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए प्रदेश प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने कहा कि राज्य का पुलिसिया तंत्र चरमरा गया है। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक द्वारा सार्वजनिक रूप से अपनी बेबसी की बात कहना ही राज्य की कानून व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़ा करता है।
पुलिस महानिदेशक आदेश देते है लेकिन आदेशो का अनुपालन नही होता। राज्य के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी अपने कर्तव्यों के निर्वहन करने मे पूरी तरह असफल साबित हो रहे है।
राज्य में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद से कई जिलों में ऐसी वारदाते हुई है, जिनमें बहुसंख्यकों को अपने त्योहारों के अवसर पर उपद्रव का सामना करना पड़ा है। भाजपा प्रवक्ता ने सरकार को चेताया कि वह खुद इन घटनाओं से सबक लेकर कठोर कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सपा सरकार बनने के बाद से वर्ग विशेष को खुश करने के लिए तुष्टिकरण की राजनीति की जा रही है। सत्ता शीर्ष के इशारे पर जिलो में तैनात प्रशासनिक अमला वर्ग विशेष के लोगों द्वारा किये जाने वाले उपद्रव की अनदेखी करता रहा है। सरकारी संरक्षण मिलने से उपद्रवियों के हौसले बुलंद है। यही कारण है कि पिछले दिनों बरेली में कांवडियों के जुलूस पर हमला किया गया और पूरा बरेली लम्बे अर्से तक दंगों की आग में झुलसता रहा।
प्रदेश मे सपा सरकार के गठन के बाद से औसतन हर माह किसी ने किसी जिले में प्रशासनिक विफलता के कारण कर्फ्यू लगाना पड़ रहा है। राज्य सरकार ने (कोसी) मथुरा, प्रतापगढ़, बरेली, बँदायू, (बिसवां) सीतापुर, (मसूरी) गाजियाबाद आदि जगहों पर हुए उपद्रव से सबक लेते हुए कठोर कार्रवाई की होती तो विजयदशमी के दिन प्रदेश में एक बार फिर उपद्रव न होते। श्री पाठक ने कहा बहुसंख्यक समुदाय त्योहारों पर बार-बार उपद्रवी तत्वों द्वारा साजिश कर अराजकता फैलाने से आहत है। सपा सरकार भी बहुसंख्यको के धार्मिक आयोजनो पर लगातार हो रहे हमलो की अनदेखी कर वर्ग विशेष को खुश करने में लगी है।
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के अधिकारी भी सरकार की मंशा के अनुरूप उपद्रवियों के विरूद्ध कार्रवाई से बच रहे है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राज्य में सपा सरकार तुष्टिकरण की राजनीति की पराकाष्ठा कर रही है। श्री पाठक ने कहा कि प्रदेश के दंगे सरकार के अभिसूचना तंत्र के फेल होने के उदाहरण है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि विजयदशमी के दिन हुए दंगों की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करें।












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