साहब, सुई का नहीं एचआइवी का है डर

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रोहतक। साहब, सुई का नहीं अज्ञात युवक के एचआइवी संक्रमित होने का डर है। लड़कियों के मामले में पुलिस को शिकायत देना भी मुश्किल हो जाता है। क्योंकि समाज में यदि एक बार बदनामी हो गई तो आखिर हमारी बच्चियों से विवाह कौन करेगा। यह पीड़ा किसी एक परिवार की नहीं बल्कि उन सभी परिवारों की है, जिनकी बेटियां अज्ञात सुई हमलावर की शिकार हुई हैं। लगभग दो माह से अज्ञात सुई हमलावार का खौफ पूरे शहर की महिलाओं व लड़कियों में फैला हुआ है। हमलावर कई महिलाओं व लड़कियों को अपना शिकार भी बना चुका है।

एक के बाद एक हुई कई वारदातों ने पूरे शहरवासियों के पसीने छुड़ा रखे हैं। लेकिन, पुलिस द्वारा इस अपराधी को पकडऩा तो दूर वह अभी तक इनकी पहचान भी नहीं कर पाई है। इस मामले में सप्ताहभर पहले पहला मामला थाना सिविल लाईन में एसएचओ कुलदीप बैनीवाल के निर्देशों पर दर्ज भी किया गया। पुलिस अधिकारी के आदेशानुसार इस अपराधी को पकडऩे के लिए जाल भी बिछाया गया, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। अधिकांश हमले गुरूचरणपुरा एरिया में हुए, इसके बाद हमलावर ने प्रेम नगर, गांधी कैंप व गढ़ी मोहल्ला में कई वारदातों को अंजाम दिया।

शहरवासियों ने रोष जताते हुए बताया कि सुई हमलावर वारदात को अंजाम देकर फरार हो जाता है। इसके बाद मुसीबत हर हाल में आमजनता को झेलनी पड़ती है। बदनामी के डर से मामला पुलिस को दिए जाने से आम शहरी बचता है। लोगों ने शक जाहिर करते हुए कहा कि यदि हमलावर एचआइवी ग्रस्त हुआ तो वे कहीं के भी नहीं रहेंगे। यह किसी एक महिला व लड़की पर हमला नहीं बल्कि पूरे समाज में घोला जाने वाला जहर है। इस वारदात पर पुलिस प्रशासन को कड़ा संज्ञान लेना चाहिए। हमलावर महिलाओं व लड़कियों को शारीरिक रूप से कमजोर समझ कर केवल उन्हीं पर सुई से हमला कर रहा है। पीडि़तों ने बताया कि हमले के बाद शरीर में मिली सुई की जांच रिपोर्ट भी बाद में आएगी। रिपोर्ट आने तक इस मामले पर संशय बना हुआ है। वहीं इस संबंध में विभिन्न थाना प्रभारियों ने बताया कि मामला उनके संज्ञान में है। वे हमलावर को गिरफ्त में लेने के लिए प्रयासरत हैं, जल्द ही इसमें आरोपी को काबू कर लिया जाएगा।

मामला गंभीर

पीजीआइएमएस, मनोचिकित्सीय सामाजिक कार्य विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि अज्ञात व्यक्ति द्वारा सुई द्वारा हमला किया जाना गंभीर मामला है। हमलावर मनोरोगी अथवा एचआइवी संक्रमित भी हो सकता है, इसका खुलासा जांच रिपोर्ट आने या हमलावर के पकड़े जाने पर ही हो सकता है। दोनों सूरत में हमलावर का पकड़ा जाना अत्यंत आवश्यक है।

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