डीएलफ ने भी केजरीवाल को झूठा कहा
डीएलएफ का कहना है कि वाड्रा को बिना ब्याज के 65 करोड़ रुपये के लेने की बात आधारहीन है। राबर्ट वाड्रा को पैसे लोन के रूप में नहीं बल्कि जमीन खरीदने के लिए दिये गये थे। डीएलएफ ने कहा है कि वाड्रा या उनकी कंपनी के साथ डीएलएफ के कारोबारी रिश्ते उन्हें एक सामान्य उद्यमी समझकर स्थापित किए गए थे ना कि किसी का दामाद समझ कर।
डीएलएफ के इस बयान पर केजरीवाल ने कहा है कि सरकार के दवाब में आकर डीएलएफ झूठ बोल रहा है उनके पास पर्याप्त सबूत हैं जो उनकी बात को सिरे से झूठा साबित कर देंगे।
गौरतलब है कि शुक्रवार को केजरीवाल, प्रशांत भूषण और शांति भूषण ने प्रेसवार्ता करके राबर्ट वाड्रा पर भ्रष्टाचार का संगीन आरोप लगाया था। उनका कहना है वाड्रा को कि साल 2007 से 2010 के बीच 65 करोड़ रुपए का ब्याज मुक्त ऋण बिना किसी सुरक्षा गारंटी के सिर्फ इसलिए दिया गया क्योंकि वो सोनिया गांधी के दामाद हैं। अरविंद केजरीवाल ने सवाल खड़े किये थे कि वाड्रा ने 300 करोड़ की प्रापर्टी मात्र 50 लाख में डीएलएफ से खरीदी है।













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