उम्र के साथ खुद को कैसे बदलें महिलायें?
अक्सर फीमेल की यह सोच होती है कि पुरुषों को महिलाएं, केवल जिस्मानी तौर पर ही अच्छी लगती हैं। लेकिन ऐसा नहीं है। पुरुषों या लड़कों के दिल और मन में जो ख्याल आते हैं वो उन्हे बयां कर देते है और इसी वजह से उनकी छवि निगेटिव शेड की हो जाती है। हांलाकि इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता है कि फीमेल के शरीर की बनावट किसी हद तक उनके मन में राज करती है।
यही कारण है कि उम्र के साथ-साथ महिलाओं को खुद में परिवर्तन करने चाहिये, क्योंकि यदि आप सोचें कि आप हमेशा बच्ची बनी रहें, जिद्दी बनी रहें और लोग आपको प्रेम करते रहें, तो आप गलत हैं। लिहाजा खुद को बदलें। यदि पुरुषों को इंप्रेस करना है तो ये टिप्स आपके लिये जरूर लाभकारी सिद्ध होंगी।
आज हम आपको बताएगे कि उम्र के हर पड़ाव पर मेल को फीमेल की हर आदत और अंदाज में परिवर्तन और अलग-अलग बातें पसंद आती है। किशोरावस्था से वृदावस्था तक थिकिंग और टाइम चेंज होने के साथ उनके एटीट्यूड और च्वाइस में भी चेंजस आने लगते है।

टीनएजर
टीनएज में लड़को का क्यूरिओसिटी लेवल बहुत ज्यादा होता है। उन्हें फीमेल के बॉडी स्ट्रकचर में इंट्रस्ट पैदा हो जाता है और वो इसे जानने के लिए छुपछुपकर मैगजीन, इंटरनेट साइट का सहारा लेते है। इस उम्र के लड़को को फीमेल में बातचीत करने का तरीका बेहद पसंद आता है जिसने चार बातें कर दी उसी के बारे में सारा दिन सोचते रहते हैं। सुंदर लड़कियां इस एज बार की पहली पंसद बनती है। इस एज में फर्स्ट साइट लव वाली फीलिंग बहुत ज्यादा आती है।

18 से 20 साल
उम्र के इस दौर में लड़को को फीमेल के बारे में आधी कच्ची और आधी पक्की नॉलेज होती है। लड़कियों के बारे में सोच एकदम से हाई प्रोफाइल हो जाती है। इस एज बार के लड़को को लड़कियों की आदत, नेचर आदि किसी भी कॉमन क्वालिटी के बारे में कुछ भी समझ नहीं आता उन्हें केवल उनकी शारीरिक परिवर्तनों की जानकारी में ही इंट्रस्ट होता है। स्वीट लड़कियां इस एज ग्रुप की च्वाइस होती है। लड़कियों का झगड़ा करने का स्टाइल इनके लिए किलिंग स्टाइल होता है यानि लड़कियों के तोलमोल करने का तरीका इन्हें बहुत भाता है।

21 से 25 साल
यह एज बार लड़कों के लिए सबसे घातक होती है। उनकी सोच इतनी तेजी से बदलती है कि बस पूछिए मत। अरे जनाब को गर्लफ्रैण्ड बनाने का शौक चढ़ जाता है। गर्लफ्रैण्ड भी ऐसी जो इन पर जान छिड़कें। चाहें खुद कहीं भी जाकर मुंह मारें लेकिन गर्लफ्रैण्ड में डेडीकेशन होना चाहिए। लड़कियों का केयरिंग नेचर इस उम्र में भाने लगता है। इन सभी के साथ लड़कियों के शरीर के सेंसटिव पार्ट में दिलचस्पी पैदा हो जाती है। दिमाग में लड़कियों को देखने के बाद एक ही तरीके ख्याल आते हैं। फीमेल का किसिंग स्टाइल भी इन्हें बहुत भाता है। कुल मिलाकर सेक्सी और सुंदर लड़कियां ही इन्हे भा जाती है।

26 से 30 साल
लड़के इस एजबार में मैच्योरिटी की तरफ बढ़ने लगते है और अपने कॅरियर के बारे में सोचने लगते है। लड़की केवल उन्हे एंटरटेनमेंट की चीज लगती है। हालांकि गंभीर, समझदार और बुद्धिमान लड़कियां इनकी पहली पसंद होती है। इन्हे ऐसा लगता है कि पैसा है तो लड़की है। लड़को के लिए यह वह दौर होता है जब उनकी गर्लफ्रैण्ड साथ नहीं होती और घर वाले भी शादी की बात करते है ऐसे में इन्हे जो भी लड़की मिल जाती है हंस बोल लेते है। इस उम्र के लड़को को लड़कियों में गर्दन का हिस्सा बेहद प्रभावित करता है। रोमेंटिक लड़कियों की इस एजबार के साथ अच्छी तरह पटरी खा जाती है।

31 से 35 साल
इस एज के पुरूष को फीमेल में परफेक्शन बहुत अच्छा लगता है यानि लड़कियों के संस्कार, बात करने का तरीका, क्वालिटी, तेज दिमाग, सुंदरता। चंचल और शोख अदाओं वाली लड़कियां अक्सर इनका दिल जीतने में कामयाब हो जाती है। नहाने के बाद बिना मेकअप की फीमेल को देखकर इनका बाग - बाग हो जाता है क्योकि अब इन्हे सिम्पलीसिटी पसंद आती है। लॉयलिटी इनके लिए मायने रखती है। वफादार लड़की के साथ जीवन जीने की ख्वाहिश इन्हे डीसेंट लड़कियों की ओर आकर्षित करती है। इस मैच्योर एजबार में अक्सर पुरूष की टीनएज गर्ल्स भी भाने लगती है उनका नटखटपन प्यारा लगता है।

36 से 45 साल
इस एज में पुरुषों की महिलाओं से अपेक्षाएं ज्यादा बढ़ जाती है। उन्हे हर पल सपोर्ट की जरूरत होती है इसीलिए सपोर्टिव नेचर की फीमेल इन्हे अच्छी लगती है। महिलाओं में पीठ का कर्व इन्हे अच्छा लगता है। परफेक्ट ड्रेसिंग सेंस इस उम्र में पुरुषों को लुभाता है। दुनिया के सामने जिम्मेदारियों में बधें - बधें से दिखने वाले पुरूष, उम्र के इस दौर में सबसे ज्यादा रोमेंटिक होते है। इसलिए हर वक्त काम में उलझी रहने वाली फीमेल इन्हें नहीं भाती। समय देने वाली और हसंकर हर बात सही से सुनने वाली फीमेल इनकी फर्स्ट च्वाइस होती हैं।

46 से 60 साल
इस उम्र में महिलाओं का दृढ़ विचारों का होना ही पुरुषों को अच्छा लगता है। जिम्मेदार स्त्री जो उनकी हर बात का ख्याल रखती हों और उन्हे गलत करने पर खुले तरीके से सावधान कर देती हों ऐसी महिलाएं इस एज बार की च्वाइस होती हैं। चिकचिक करने वाली महिलाओं को पुरूष इस उम्र में एंटटेनमेंट मानते है और हसंकर एजांय करते है। सेक्सी दिखने वाली लड़कियां इस एज ग्रुप को काफी एट्रेक्ट करती हैं। लेकिन खुले आम आदमी, शरीफों की तरह बीबी की ओर डेडीकेशन ही दिखाते हैं। इस उम्र में झगडालु महिलाओं से पुरूष कन्नी काटते हैं।

60 से अधिक यानि बुढ़ापे में
60 से ज्यादा उम्रदराज पुरुषों का मन यंग ब्याव जैसा हो जाता है। उन्हे सर्किल में बैठकर महिलाओं और लड़किओं के बारे में गॉसिप मारने में मजा आता है। रोमेंटिक महिलाएं इस उम्र में ज्यादा पसंद आती है। स्वस्थ और शांत फीमेल के साथ रहने में उन्हें दिक्कत नहीं होती है। प्यार और क्यूट लड़कियां भी इस एज में भाती हैं लेकिन उम्र का लिहाज उन्हें बयां करने से रोक देता है।












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