हर बुरी परस्थिति का सामना कर सकता हूं: वाड्रा

डीएलएफ ने कहा कि उसे किसी राज्य सरकार या सरकारी प्राधिकरण से देश के किसी भी हिस्से में कोई अनुचित लाभ नहीं मिला है। कंपनी ने किसी तरह का फायदा लेने के लिए रॉबर्ट वाड्रा को अनसिक्योर्ड लोन देने के आरोपों को भी खारिज किया है। कंपनी ने बताया कि उसने वाड्रा को बतौर कारोबारी कर्ज दो किस्तों में 65 करोड़ रुपये दिए, जिनमें 50 करोड़ जमीन खरीदने में इस्तेमाल किए गए। डीएलएफ के मुताबिक, वाड्रा ने वर्ष 2008-09 में 50 करोड़ रुपये में स्काईलाइट हास्पिटैलिटी से गुड़गांव में साढ़े तीन एकड़ जमीन खरीदी।
इसके अलावा कंपनी ने वाड्रा को बेहद कम कीमत पर संपत्ति बेचने से भी इन्कार किया है। कंपनी के मुताबिक स्काईलाइट समूह को कभी भी किसी भी स्तर पर ब्याज मुक्त कर्ज नहीं दिया गया। डीएलएफ ने बताया कि साकेत के हिल्टन होटल की 50 फीसद हिस्सेदारी स्काईलाइट समूह को 150 करोड़ में बेची गई। इसमें 80 करोड़ कर्ज और 70 करोड़ इक्विटी हिस्सेदारी थी। होटल की 50 फीसद इक्विटी हिस्सेदारी के लिए स्काईलाइट ने 35 करोड़ का भुगतान किया। इसके बाद दोनों साझेदारों ने होटल के अच्छे खरीदार की तलाश के लिए वैश्विक संपत्ति सलाहकार की नियुक्ति की। डीएलएफ का कहना है कि इस सौदे का मूल्यांकन करीब 200 करोड़ रुपये है, जो आरोप लगाए जा रहे 300 करोड़ रुपये से काफी कम है।












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