पृथ्‍वी, धनुश के बाद अब आयी सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल

पणजी। भारतीय नौसेना ने रविवार की सुगह सुपरसोनिक मिसाइल ब्रह्मोस का परीक्षण किया। पृथ्‍वी-2 और धनुश के बाद यह लगातार तीसरी मिसाइल है, जिनका परीक्षण पिछले सात दिन के भीतर किया गया है। इससे पहले 4 अक्‍टूबर को पृथ्‍वी-2 और 5 को परमाणु क्षमता वाली धनुश मिसाइल का परीक्षण किया गया था।

रविवार की सुबह जिस सुपरसोनिक ब्रह्मोस का परीक्षण किया गया है, उसकी मारक क्षमता 290 किलोमीटर की है। यह अपने साथ 300 किलोग्राम तक की विस्‍फोटक सामग्री लेकर जा सकती है। यह मिसाइल खास तौर से नौसेना के लिये बनायी गई है, जिसके सीधे लड़ाकू पोत से दागा जा सकता है। असल में इसका परीक्षण भी गोवा के तट पर लड़ाकू पोत आईएनएस तेज से ही किया गया।

BrahMos supersonic missile successfully test-fired

इससे ठीक पहले भारत ने धनुश का परीक्षण किया, जो सतह से सतह पर मार करती है। धनुष का परीक्षण बंगाल की खाड़ी में 5 अक्‍टूबर को किया गया। यह मिसाइल डीआरडीओ पहले ही भारतीय सेना को सौंप चुका है। धनुष एक बैलेस्टिक मिसाइल है, जिसकी रेंज 350 किलोमीटर की है।

वहीं 4 अक्‍टूबर को पृथ्‍वी-2 का परीक्षण ओडीशा के चांदीपुर से किया गया। पृथ्‍वी-2 में 500 से 1000 किलोग्राम तक बारूद भरा जा सकता है। इसकी रेंज वैसे तो 350 किलोमीटर की है, लेकिन भार के चलते इसमें परिवर्तन किया जा सकता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+