यूपी में दिमागी बुखार के बाद अब पीलिया का कहर

कस्बे में छह लोगों की मौत से उनके घरों में मातम छाया हुआ है। पहले छह साल की नैन्सी की मौत के बाद अब मुकेश की मौत ने कस्बे में हड़कम्प मचा दिया जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को इसकी विधिवत जानकारी ही नहीं। मुतक मुकेश के भाई विकास कुमार के अनुसार मुकेश की हालत नाजुक होने पर हम उसे सर गंगा राम हास्पिटल नई दिल्ली लेकर गये।
इलाज कराने में लाखों रुपये खर्च होने के बाद भी उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिजन बताते हैं कि मुकेश के इलाज के लिए उन्होंने अपना मकान तक बेच दिया लेकिन उनके बेटे की जान नहीं बची। कस्बे में जिस पानी की टंकी से पेयजल की आपूर्ति होती है वो 1968 में बनायी गई थी। सप्लाई होने वाले पानी में ब्लीचिंग मिलाने की मशीन खराब पड़ी है तो जगह-जगह पर वाटर पाइपों में लीकेज है जिस कारण लोगों को दूषित पानी ही मिल पाता है।
सबसे बड़ी बात तो यह है कि नगर पंचायत कार्यालय के सामने जो टंकी जनता को पानी पीने के लिए लगायी गयी है वो भी नाले के पास है जिसको देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि इसका पानी कितना साफ होगा। नगर पंचायत अध्यक्ष छह लोगों की मौत पर अफसोस तो जाहिर करते हैं लेकिन उनका कहना है कि अब सब कुछ ठीक हो गया है। भरवारी कस्बे में पिछले कई महीनों से पीलिया का कहर जारी है। लोगों ने पानी उबालकर पीना शुरू कर दिया है। जल्द ही पीने के पानी की व्यवस्था ठीक नहीं करायी गई तो पीलिया से मरने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी होती चली जाएगी। मरने वालों में नैन्सी और मुकेश के साथ-साथ गुलाब चंद (60), नीरज कुमार (38) , राज रानी (35), लछमन गुप्ता (48) भी शामिल हैं।












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