खाप पंचायत के फैसलों पर लगेगी कोर्ट की मुहर

मंगलवार को यहां बुलबुल पर्यटन केंद्र में पत्रकारों से बातचीत करते हुए सर्वजातीय सर्वखाप के राष्टï्रीय अध्यक्ष स्वामी कर्मपाल ने कहा कि 30 सितंबर को गांव बीबीपुर में एक महापंचात का आयोजन किया जाएगा। इसमें 100 से अधिक खापों के प्रतिनिधि भाग लेगे। इसके लिए सभी खाप प्रतिनिधियों को निमंत्रण भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि महापंचायत में खाप पंचायतों को कानूनी मान्यता देने बारे में विचार-विमर्श किया जाएगा। आज न्यायालयों में दो करोड़ से अधिक मामले लंबित पड़े हैं। इन मामलों को खाप पंचायतों निपटा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हिंदू मैरिज एक्ट में संशोधन किया जाना चाहिए। एक ही गांव तथा एक ही गौत्र में विवाह को मान्यता नहीं दी जानी चाहिए। इसके लिए मां तथा पिता के तीन-चार गौत्र छोड़े जाएं। इसके साथ-साथ उन्होंने कहा कि शिक्षा अधिनियम 34ए लागू किया जाना चाहिए। आरटीई एक्ट को भी लागू किया जाए। निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को इस कानून के तहत मुफ्त शिक्षा दी जानी चाहिए। काफी निजी स्कूल इसको लागू नहीं कर रहे हैं।
स्वामी कर्मपाल ने बताया कि महापंचायत में काफी ऐसे फैसले लिए जाएंगे जो समाज तथा देश हित में होंगे। कई बार न्यायालय तथा खाप पंचायतों में दिए जाने वाले फैसले मेल नहीं खाते। इसलिए ऐसे फैसले लिए जाएंगे जिसके तहत कानून की भी मान्यता रह जाए। उन्होंने कहा कि कुछ नियमों में संशोधन करने की जरूरत है। इसलिए इस महांपचायत में कई राज्यों की खाप पंचायतों के प्रतिनिधि पहुंचकर निर्णय करेंगे।
बता दें कि पिछले दिनों कन्या भ्रूणहत्या की रोकथाम के लिए बीबीपुर गांव में एक महापंचायत हुई थी। इस महापंचायत के बाद बीबीपुर गांव का नाम देश के हर कोने में गूंजा था। अब दोबारा फिर इस पंचायत के होने से सभी की नजर बीबीपुर गांव की तरफ लग गई हैं। गांव के सरपंच सुनील जागलान ने बताया कि इस महापंचायत को लेकर तैयारियों जारी हैं। गांव में पहुंचने वाले किसी भी व्यक्ति को कोई असुविधा नहीं होने दी जाएगी।












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