अब मनचाहे गुणों वाले बच्चे जन्म लेंगे

इन बच्चों के दो नहीं बल्कि तीन माता-पिता होंगे
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तकनीक द्वारा आनुवंशिक रोगों से आने वाली पीढ़ी को बचाया जा सकेगा। खास बात यह है कि इन बच्चों के अब दो नहीं बल्कि तीन माता-पिता होंगे। इसमें तीसरे व्यक्ति के रूप में वह महिला होगी, जिसका डीएनए इस्तेमाल किया जायेगा। शोधकर्ता इसे बड़ी सफलता के रूप में देख रहे हैं, जबकि कुछ लोगों का कहना है कि प्रकृति से छेड़छाड़ करना ठीक नहीं होगा। वहीं कुछ विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि इस तकनीक के इस्तेमाल से जन्में बच्चों का स्वास्थ्य आगे कैसा रहेगा कुछ कहा नहीं जा सकता है।
इस तकनीक से क्या लाभ होगा
ब्रिटेन में जन्म लेने वाले 6500 बच्चों में से एक को गंभीर जेनेटिक रोग होता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इसका कारण जन्म देने वाली मां के माइटोकांड्रिया के डीएनए में कमी होती है। माइटोकांड्रिया कोशिका का सबसे महत्वपूर्ण अंग होता है।
इस तकनीक से इस थेरेपी से स्पर्म या एग के जरूरी जीन में बदलाव किया जाता है। इसमें मां के खराब माइटोकांड्रिया को डोनर महिला के माइटोकांड्रिया से बदल दिया जायेगा। जिससे बच्चे को जेनेटिक बीमारियों से बचाया जा सकेगा।












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