नायक फिल्म के अनिल कपूर हैं केजरीवाल

यह कहना हैं उन युवाओं का, जो केजरीवाल की लड़ाई में उनका साथ दे रहे हैं और हाल ही में उनके आंदोलन से जुड़े हैं। आईआईएम बैंगलोर के छात्र रवि कुमार बाजपेई, शालिनी चतुर्वेदी, दीपक कुमार, नीतिन अवस्थी और आलोक सक्सेना से जब वनइंडिया ने बात की तो उनका कहना यही था। आईआईएम के यह सभी छात्र अपनी पढ़ाई छोड़कर दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देने के लिए पहुंचे थे। इन छात्रों का मानना है कि अन्ना हजारे अच्छे तो बहुत हैं लेकिन उनकी अच्छाई बुराई को मारने में नाकाम रही है। चाणक्य की कूटनीति भी यही कहती है कि शतरंज की बाजी वो ही जीत सकता है जिसे शह और मात का खेल आता है इसलिए युवा शक्ति केजरीवाल के साथ है, वो एक सेलेक्टड पर्सन है जिसे हम लोग इलेक्टड बनायेंगे।
अंदाजा लग गया होगा आपको कि युवाओं की सोच अरविंद केजरीवाल के बारे में क्या है? शायद इसी शक्ति के खातिर अरविंद केजरीवाल ने अन्ना के बिना ही लड़ाई की मशाल अपने हाथों में ले रखी है। आपको बता दें कि साल 2001 में आयी फिल्म नायक में अनिल कपूर ने एक ऐसा किरदार निभाया था जिसे एक दिन के लिए मुख्यमंत्री बनाया जाता है और वो पत्रकार से राजनेता बन जाता है औऱ एक दिन के कार्यकाल में ही वो सीएम समेत कई हजार भ्रष्टाचारियों की पोल खोल देता है।
मालूम हो कि केजरीवाल ने साल 2013 में दिल्ली विधानसभा का चुनाव लड़ने का फैसला किया है और इशारा किया है कि वह दिल्ली की सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़ा करेंगे। दिल्ली में बिजली महंगी होने के खिलाफ केजरीवाल ने रविवार को जंतर-मंतर पर धरना प्रदर्शन किया जिसमें करीब 500 लोगों ने भाग लिया, जिसमें युवाओं की संख्या बहुत ज्यादा थी।












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