मैं काट नहीं सकती तो क्या, फुंफकार तो सकती हूं: ममता
कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा है कि "अगर वो काट नहीं सकती तो क्या हुआ फुंफकार तो सकती हैं"। ममता ने एफडीआई और मुल्य वृद्धि के मुद्दे पर सरकार से समर्थन वापसी के अपने फैसले पर साफाई देते हुए ऐसा कहा है। आपको बता दें कि ममता के समर्थन वापस लेने के बाद ना तो सरकार गिरी और ना ही महंगाई के मुद्दों पर जनता को कोई राहत मिली।

राजनीतिक के जानकारों का मानना है कि इस बयान के माध्यम से ममता बनर्जी ने अपनी विवशता दर्शाई है। ममता ने कहा है कि अगर जनता के हित खतरे में होंगे और हम काटने की स्थिति में नहीं होंगे तो भी फुंफकारेंगे जरूर। ममता ने जनसैलाब को संबोधित करते हुए कहा कि हम गरीब हो सकते हैं मगर हमारी हमारी भी प्रतिष्ठा है।
ममता ने कहा कि डेमोक्रेसी में जनता ही सबकुछ है। बंगाल जो सोचता है, वो बाद में पूरी दुनिया सोचती है। स्वामी विवेकानंद के गुरु रामकृष्ण परमहंस के बारे में कहा जाता था कि उन्होंने एक ऐसे कोबरा को जो काट नहीं सकता था, ये सलाह दी थी कि वो फुंफकारता रहे ताकि लोगों में उसका भय रहे और कोई उसे नुकसान न पहुंचा सके। ममता ने इसी कथानक का हवाला देते हुए ये बात कही।












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