राहुल Vs मोदी: एक काबिल एक नाकाबिल नेता

देशी ही नहीं विदेशी मीडिया में भी ऱाहुल गांधी की छवि खासा अच्छी नहीं है ब्रिेटेन की मशहूर मैगजीन द इकनॉमिस्ट ने तो राहुल गांधी की राजनैतिक क्षमता पर ही प्रश्न खड़े कर दिये हैं। अपने लेख शीर्षक 'द राहुल प्रॉब्लम' में तो उसने लिखा है कि राहुल गांधी को खुद पता नहीं कि वो करना क्या चाहते हैं । सिवाय यंग और चार्मिंग दिखने के अलावा राहुल गांधी के पास कुछ नहीं है।
वहीं देश के पीएम पद के लिए सबसे योग्य व्यक्ति अगर कोई है तो वो हैं नरेन्द्र मोदी। एक सफल राजनेता के रूप में उभरे विकास पुरूष मोदी को विदेशी मीडिया ने भी सराखों पर बिठाया है। मशहूर मैंगजिन टाइम के कवर पेज पर आये मोदी को गुजरात के विकास के लिए जाना जाता है। देश में भले ही उन्हें कट्टरपंथी हिन्दू कहा जाता हो लेकिन विदेशों में उन्हें एक सराहनीय नेता के रूप में पहचाना जाता है।
नई तकनीकियों से जुड़ने वाले नरेन्द्र मोदी ने वीडियो चैट करके अपनी नवीन सोच और बुद्धि का परिचय दे दिया है। राजनैतिक आलोचकों की माने तो मोदी की लोकप्रियता राहुल गांधी से बहुत ज्यादा है। जिसका ताजा उदाहरण है लाइव चैट पर भारी संख्या में उनसे लोगों का जुड़ना। लोगों का उनसे सवाल पूछना कि वो क्या पहनते हैं, वो क्या खाते हैं?
हमेशा विकास की बात करने वाले राहुल गांधी ने कभी भी नई तकनीकियों से युवाओं को लुभाने की कोशिश नहीं की। उन्होंने केवल बातें और वादे किये है लेकिन उन पर प्रैक्टिकल नहीं किया जबकि मोदी ने साबित किया है कि वो कथनी से ज्यादा करनी पर भरोसा करते हैं।
खैर मोदी बनाम राहुल की जंग तो साल 2014 तक चलती रहेगी। लेकिन फिलहाल तो ताजातरीन स्थिति में गुजरात के सीएम रथयात्रा के जरिये लोगों को लुभाने की कोशिश में हैं ताकि विधानसभा चुनाव में दोबारा अपना परचम लहरा सके और राहुल गांधी का हाल तो यह है कि उनके बारे में कोई और कुछ ना कहे इसलिए कांग्रेस ने उन्हें प्रचार प्रसार के लिए गुजरात ना भेजने का मन बना लिया है।
जो आंकड़े आपके सामने प्रस्तुत किये गये हैं वो विदेशी मानचित्र के हिसाब से हैं जो विदेशी मीडिया ने खींचे हैं। अब देश क्या सोचता है इस बारे में साल 2014 के लोकसभा चुनावों में पता चल जायेगा।
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