यूपी बीमार है और सरकार लाचार: भाजपा

मरीजों का कोई पुरसाहाल नही है। सरकारी अस्पतालों की तो बात छोड़िये प्राइवेट अस्पतालों में भी मरीजों को बेड़ तक उपलब्ध नही हो पा रहे है। प्रदेश की पूरी की पूरी स्वास्थ सेवाएं बेहाल है। प्रदेश प्रवक्ता मिश्र ने आरोप लगाया कि जब प्रदेश इतनी गम्भीर बीमारियों की चपेट में है उस समय सरकार की निष्क्रियता से जनता बेचैन है। धीरे-धीरे दवाइयों का अकाल पड़ता जा रहा है। सरकारी अस्पतालों में दवाइयां गायब हो गई है। बीमार लोगों का बजट बिगड़ गया है। अस्पतालों में मरीजों की लम्बी-लम्बी लाइनें लगी हुई है। प्रदेश का हाल बेहाल है और हाहाकार मचा हुआ है।
प्रदेश की इस आपदा का सामना करने के लिए सरकार की कोई तैयारी नही है और न ही निकट भविष्य में दिखाई पड़ रही है। मिश्र ने मांग की कि सरकार को इस समय प्राथमिकता के आधार पर रोगों की चपेट में आई जनता के प्रति कर्तव्य निष्ठ बने। अस्पतालों में बड़े पैमाने पर अतिरिक्त बेड उपलब्ध कराने की व्यवस्था करें। दवाओं की उपलब्धता बढ़ाए तथा बीमारियों की रोकथाम के लिए आवश्यक व तात्कालिक उपाय करें। मरीजों को चिकित्सकों की सेवाये तत्काल मिलने की व्यवस्था करें। मिश्र ने कहा कि प्रदेश का स्वास्थ महकमा भ्रष्टाचार, बेइमानी और बदइन्तजामी का मूर्तमान स्वरूप बन गया है। संवेदन हीनता की पराकाष्ठा यह है कि कानपुर में मेडिकल कालेज के ओपीडी में स्वतंत्रता सेनानी तक को दुत्कारा दिया गया और एक मरीज तीन घण्टे तक तड़प कर मर गया। डा मिश्र ने इन घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर तत्काल कार्यवाही की मांग की।












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