बुढ़ापे में भी रहना है स्मार्ट तो कंप्यूटर मैन बनिये

मेडिकल भाषा में इस बीमारी को डिमेंशिया नाम दिया गया है और हमेशा हिदायत दी जाती है कि अगर इस रोग को अपने अंदर पनपने नहीं देना है तो कंप्यूटर से दूरी बना कर रखिये। जिससे आईटी के क्षेत्र में काम करने वाले लोग काफी परेशान थे। लेकिन अब उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के रिसर्चरों ने दावा किया है कि कंप्यूटर से मेमोरी अच्छी होती है ना कि खराब।
शोध में कहा गया है कि जो उम्रदराज लोग कंप्यूटर इस्तेमाल करते हैं उनमें कंप्यूटर इस्तेमाल ना करने वालों की तुलना में डिमेंशिया कम होता है। अगर प्रतिशत के रूप में बात करें तो 30 से 40 प्रतिशत तक कम होता है। पूरा शोध करीब आठ साल तक चले रिसर्च के आधार पर तैयार किया गया है।शोधकर्ताओं ने यह शोध 65 से 85 साल के बीच के करीब पांच हजार से ज्यादा व्यक्तियों पर किया जिनमें सभी पुरूष थे क्योंकि डिमेंशिया का खतरा पुरूषों के मुकाबले महिलाओं में कम होता है।
तो चलिए देर किस बात की है अब अगर बुढ़ापे में भी आपको अपनी बुद्धि का लोहा मनवाना है तो धड़ल्ले से कंप्यूटर का प्रयोग करना शुरू कर दीजिये।












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