बिना लाइसेंस चल रही थी 54 की जान लेने वाली पटाखा फैक्ट्री

आग जिसने 50 से ज्यादा लोगों का घर बर्बाद कर दिया, उनके घरों से जिंदगियों के साथ-साथ रोजी-रोटी छीन ली, प्रशासन उसे इतने हलके में लेगा, इसका अनुमान किसी को नहीं था। अग्निशमन विभाग के मुताबिक ओम शिव फैक्ट्री फायर विभाग के नियमों को दरकिनार कर चल रही थी, यानी फैक्ट्री में आग से निपटने या बचने के पुख्ता इंतजाम नहीं थे।
यह सब जानने के बाद प्रशासन ने फैक्ट्री का लाइसेंस मंगलवार को टेम्परेरी रूप से रद्द कर दिया था। बस फैक्ट्री पर ताला डालने के लिये पुलिस भेजना बाकी ही था कि यहां आग लग गई। पुलिस के आंकड़ों में इस फैक्ट्री का लाइसेंस आग लगने के ठीक एक दिन पहले ही रद्द किया गया था। विरुधुनगर के पुलिस अधीक्षक नजमल होडा के मुताबिक हादसे के मामले में 13 लोगों को अभियुक्त बनाया गया है। उनमें से सात की गिरफ्तारी की जा चुकी है, जबकि 6 लोग फरार हैं। इस आग में 60 से ज्यादा लोग जख्मी हुए, जो इस समय अस्पताल में मौत से जूझ रहे हैं।
बुधवार को करीब 12:30 बजे यह आग लगी, जिसे अग्निशमन के कर्मचारी करीब 7 घंटे की मशक्कत के बाद बुझा पाये। आग को देखकर आस-पास की फैक्ट्रियों में दहशत फैल गई और इलाके की दर्जनों फैक्ट्रियों में काम बंद हो गया। इस शहर में करीब 700 फैक्ट्रियां हैं, यानी सिवाकासी के हर गली मुहल्ले में आप पटाखे बनते देख सकते हैं। इस शहर में करीब 1 लाख लोग पटाखा फैक्ट्रियों में ही काम करते हैं। यानी इनकी जिंदगी हमेशा बारूद के ढेर पर रहती है।












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