यूपी पुलिस नहीं, मंत्री जी करेंगे हत्या की जांच

जांच को लेकर प्रश्न उठने लगे कि यदि अखिलेश यादव मामले को गंभीरता से लेते तो शायद प्रकरण सीआईडी व अन्य किसी जांच एजेंसी को सौंपते लेकिन उन्होंने ऐसा न करते हुए हत्या जैसे संगीन मामले में जांच अधिकारी एक मंत्री को बना दिया। फिलहाल जांच अधिकारी शिव प्रसाद यादव ने मंगलवार को घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित परिवार का बयान लिया।
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक महीने में सपा के दो कार्यकर्ताओं की हत्या हुई। पहला मामला बालू खनन से जुड़ा हुआ है जिसमें अवैध बालू खनन के मामले में पिछले महीने खजूर गांव के लालता प्रसाद यादव की हत्या कर दी गयी थी। लालता को जेसीबी मशीन से कुचल दिया गया था। मृतक के परिजनों ने हत्या का आरोप स्थानीय सपा विधायक देवेन्द्र प्रताप ङ्क्षसह पर लगाया गया है।
पहले पहल तो पुलिस ने मामले को दुर्घटना का रूप देते हुए घटना को रफा-दफा करने का प्रयास किया लेकिन जब पीडि़तों ने हंगामा करना शुरू किया तो बात छिप न सकी। सपा कार्यकर्ताओं मामले की शिकायत मुख्यमंत्री से करते हुए जांच की मांग की। दूसरी हत्या गत एक सितम्बर को लालगंज इलाके के लोदीपुर उतरावा में हुई जब दिन दहाड़े धर्मेन्द्र यादव नाम के सपा कार्यकर्ता की गोली मार कर हत्या कर दी गयी थी।
हत्या का आरोप पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप (एसओजी) पर लगा। दोनों ही मामलों की शिकायत पर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जांच के आदेश दिए लेकिन जांच अधिकारी राज्य मंत्री जन्तु उद्यान शिव प्रसाद यादव का नियुक्त कर दिया। श्री यादव ने मंगलवार को सपा की टीम ने स्थिति का जायजा लेने को घटनास्थल का दौरा किया। पांच सदस्यीय दल ने पीडि़त परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत की। जांच टीम में शामिल लोगों में शिव प्रताप यादव, राममूर्ति वर्मा, विधायक लक्ष्मी यादव, नागेन्द्र यादव और राष्ट्रीय छात्र महासभा के अध्यक्ष राजपाल कश्यप शामिल हैं। जांच दल ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से बात की।












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