माफिया से नेता बने अरूण गवली को उम्रकैद की सजा

उनके ऊपर पहले भी हत्या, फिरौती, डकैती जैसे कई मामले दर्ज है। पिछले शुक्रवार को अदालत ने इस मामले पर 12 लोगों को आरोपी बनाया था। उनमे से 3 आरोपियों को सबूत के अभाव में बरी कर दिया गया था। एक और आरोपी की पिछले महीने मौत हो चुकी है। गौरतलब है कि शिवसेना पार्षद की 2 मार्च, 2007 में घर में घुसकर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
ऐसा बताया जा रहा है कि संपत्ति के विवाद में 15 लोगों ने पार्षद के घर में घुसकर उसकी बेटी के सामने गोली मारी थी। इस केस में एक शख्स की गिरफ्तारी हुई थी, उसके बताया था कि यह सारा षड़यंत्र गवली द्वारा रचा गया था। इस दौरान अरूण गवली ने अपनी सफाई में कहा कि 2007 बीएमसी के चुनावों में शिवसेना को समर्थन करने के लिए उनको काफी पैसा मिला था, इतना धन होने के बाद 30 लाख रूपये के लिए पार्षद की हत्या क्यों करेंगे।












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