दिल्ली में भी हुक्काबार पर लगेगा ताला

दिल्ली हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए. के सीकरी और न्यायमूर्ति राजीव सहाय एंडलॉ की एक पीठ के समक्ष पुलिस ने कहा कि पुलिस उपाधीक्षकों को उन रेस्तरां में छापेमारी करने को कहा गया है जहां हुक्का बार चलाये जा रहे हैं। स्थानीय निकायों एनडीएमसी और एमसीडी ने भी न्यायालय से कहा कि उन्होंने रेस्तरां को हुक्का बार चलाने के लाइसेंस नहीं दिए हैं। न्यायालय ने एमसीडी और दिल्ली सरकार से एक गैर सरकारी संस्था वर्ल्ड लंग फाउंडेशन साउथ एशिया' की ओर से दायर जनहित याचिका पर दो दिनों के भीतर कार्रवाई के बारे में जवाब देने के लिए कहा है। उच्च न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 5 सितंबर तय की है।
स्वास्थ्य निदेशालय के अनुसार इस तरह के हुक्का बार पब्लिक क्षेत्र की श्रेणी में आते हैं। उल्लेखनीय है कि वर्ल्ड लंग फाउडेशन साउथ एशिया नामक एनजीओ ने अपने प्रेसीडेट डॉक्टर जीआर खत्री के जरिये याचिका दायर की है। याचिकाकर्ता का कहना है कि उनके सर्वे में पाया गया है कि कुछ रेस्टोरेट मालिकों ने अपने होटल में खाना देने का लाइसेंस लिया है, लेकिन वे हुक्का बार भी चला रहे है, जो नियमों का उल्लंघन है।
इसलिए विभिन्न सिविक एजेंसियों को निर्देश दिया जाए कि वे इन्हें ऐसा करने से रोकें और इस संबंध में नियम बनाएं। याचिका में माग की गई है कि सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्टस एंड प्रोहिबसन ऑफ स्मोकिंग इन पब्लिक प्लेस रूल को सख्ती से लागू किया जाए।












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