गाना सीख रही हैं डिम्पल यादव की देवरानी

विभागीय खानापूर्ति के बाद अब उन्हें दाखिला मिल गया। इस बात की पुष्टि भातखण्डे विश्वविद्यालय की कुलपति श्रुति शडोलिकर काटकर ने की। उनका कहना है कि श्रीमती यादव संस्थान में फीस जमा करने आयीं थीं और उन्होंने गायन के लिए दाखिला ले लिया है। अर्पणा ने बताया कि उन्हें बचपन से ही गायन का शौक था और वह अपने इस शौक को अब पूरा करना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि उनके पति व परिवार के लोग भी चाहते हैं कि वह अपने शौक को अवश्य पूरा करें। अर्पणा शादी से पूर्व भी यहां गायन के प्रथम वर्ष की छात्रा थी।
पारिवारिक कारणों से उन्होंने कक्षाएं छोड़ दी थी लेकिन अब उन्होंने दोबारा गायन द्वितीय वर्ष में दाखिला ले लिया है। राजनीति में आने के सवाल पर उनका सहज उत्तर था कि जब परिवार का आदेश होगा तब वह राजनीति में भी कदम रखेंगी। अर्पणा के विश्वविद्यायल में दाखिला लेने पर कुलपति भी बेहद खुश थीं। उन्होंने कहा कि अपर्णा की मौजूदगी से भातखण्डे विश्वविद्यालय का नाम ऊंचा होगा साथ ही सहपाठियों का भी हौसला बुलन्द होगा।












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