भारत में जल्लाद हैं ही नहीं, कसाब को कौन देगा फांसी?

भारत में पिछले कई वर्षो से किसी को फांसी की सजा नहीं हुई है। आखिरी फांसी पश्चिम बंगाल में सन 2004 में हुई थी। उस समय धनंजय चटर्जी को बलात्कार और हत्या के मामले में फांसी की सजा दी गयी थी। चटर्जी को फांसी देने वाले नाटा मलिक की कुछ साल बाद मौत हो गई। नाटा मलिक भारत के एकलौते जल्लाद बचे हुए थे, अब उनकी भी मौत हो चुकी है। ऐसे में भारत में इस समय कोई जल्लाद नहीं है जो कसाब को फांसी दे सकें।
बीबीसी से बातचीत के दौरान महाराष्ट्र जेल के महानिदेशक ने बताया था कि जेल नियमों के अनुसार अगर फांसी देने के लिए जल्लाद नहीं है तो कोई पुलिस अधिकारी भी ट्रेनिंग लेकर फांसी दे सकता है। ऐसे में अब ऐसा लगता है कि मुंबई के किसी पुलिस अधिकारी को फांसी के लिए तैयार किया जा सकता है। दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के एक जल्लाद ने 2 वर्ष पहले कहा था कि वह कसाब को फांसी पर चढ़ाने के लिए तैयार है।
महादेव ने कहा था कि फांसी देने का गुण हमारे खून में शामिल है। ये हमारा खानदानी पेशा रहा है, मैं इसको अच्छे से जानता हूं। महादेव भारत के एकलौते जल्लाद नाटा मल्लिक का बेटा है और पश्चिम बंगाल की जेल में काम करता हैं। महादेव ने बताया कि मेरे पिताजी ने अपने जीवन काल में 25 लोगों को फांसी पर चढ़ाया था, मेरे दादाजी ने अपने जीवन में 600 लोगों को फांसी दी थी।
सूत्रों के अनुसार ऐसा बताया जा रहा है कि महादेव ने फांसी देने के लिए सरकार के सामने कोई प्रस्ताव भी रखा है, लेकिन सरकार की ओर से प्रस्ताव के बारे में कोई जानकारी नहीं दी जा रही है। अब देखना यह है कि कसाब को पुलिस विभाग का कोई अधिकारी फांसी देता है या महादेव मल्लिक।












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