नरोडा पाटिया नरसंहार: पूर्व मंत्री माया और बाबू बजरंगी सहित 32 दोषी

दंगे में 95 लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। इस मामले की जांच की गई ओर 62 लोगों को आरोपी बनया गया था। इन आरोपितों में एक की मौत तो केस के ट्रायल के दौरान ही हो चुकी थी जबकि बाकी लोगों पर आज फैसला आया है।
इस मामले में कोर्ट ने विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेता बाबू बजंरगी को भी दोषी करार दिया है।
प्राप्त जानकारी नरोडा पाटिया केस में गुजरात के स्पेशल कोर्ट ने आज फैसला सुनाया। इस फैसले में केस में आरोपी नंबर 18 हैं बाबू बजंरगी सहित तत्कालीन भाजपा सरकार की विधायक माया कोडनानी को भी दोषी करार दिया। मालूम हो कि माया कोडनानी गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की करीबी बताई जाती हैं। नरोदा पाटिया कत्लेआम पहला मामला है जहां मोदी सरकार में मंत्री रहीं बीजेपी विधायक माया कोडनानी की सीधी भूमिका का आरोप लगा और जिसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा।
आरोपी नंबर 37 माया कोडनानी पर लोगों को उकसाने का आरोप है। एसआईटी ने भी कोडनानी के खिलाफ काफी सबूत पेश किए हैं। 300 से ज्यादा लोगों ने इस केस में गवाही दी है। सभी आरोपियों पर 120 बी और कत्ल जैसी संगीन धाराएं थी।
उल्लेखनीय है कि गोधरा में 27 फरवरी 2002 को साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन में हुए अग्निकांड के अगले ही दिन विश्व हिंदू परिषद के बंद के दौरान नरौदा पटिया में बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए थे और उन्होंने अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों पर हमला किया। इस वारदात में 95 व्यक्ति मारे गए थे, जबकि 33 अन्य घायल हुए थे। नरौदा पटिया कांड की सुनवाई अगस्त, 2009 में शुरू हुई थी और 62 आरोपियों के खिलाफ आरोप तय हुए थे। सुनवाई के दौरान ही एक आरोपी विजय शेट्टी की मृत्यु हो गयी थी। इस मामले में 327 लोगों की गवाही हुई है।












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