भारतीय डाक्टरों ने दी पाक महिला को जिंदगी, हिंदुओं ने दिया खून

21 डॉक्टरों और उनकी टीम को आपरेशन करने में 16 घंटे लगे। महिला को उनके बेटे उमर सुभानी (26) ने अपना लीवर दिया है। सुभानी के लीवर के 55 फीसदी हिस्से को निकाल कर उनकी मां को लगाया गया। सर गंगा राम अस्पताल के लीवर ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. नैमिश मेहता के मुताबिक जैब उल निसा के लीवर का अस्सी फीसदी हिस्सा खराब हो चुका था।
यही नहीं लीवर के आस-पास की सभी नसे भी बेकार हो गई थीं। लिहाजा पहले कृत्रिम नसें बनाई गईं और उन नसों को हृदय के पास से सीधे जोड़ा गया। ऑपरेशन काफी मुश्किल था। लीवर ट्रांसप्लांट में 15 से 20 यूनिट ब्लड की आवश्यकता पड़ती है, लेकिन इस केस में महज एक यूनिट ब्लड की जरूरत पड़ी। उमर सुभानी को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। एक सप्ताह के अंदर निसा को भी छुट्टी मिल जाएगी।
जैब-उन-निसा हेपटाइटिस सी से पीड़ित थी और चार वर्ष से तकलीफ में थी। नाक से खून आता रहता था, पेट में पानी भर जाता था और वह बार-बार कोमा में चली जातीं थीं। जनवरी-2012 में लाहौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद महिला के परिजनों ने गंगा राम के डॉक्टरों से संपर्क किया। इलाज में करीब 18 लाख रुपये लगे।
हेपेटाइटिस सी के कारण मो. उमर की अम्मी जैब-उन-निसा की हालत बिगड़ती जा रही थी। पाकिस्तान में इलाज कराया गया। वहां के डाक्टरों ने कहा कि इसका इलाज पाकिस्तान में मुमकिन नहीं है। इसे भारत जाना पड़ेगा। पाकिस्तानी डाक्टरों की सलाह पर सुभानी मां को दिल्ली के गंगाराम अस्पताल ले आए। लीवर लगाने के लिए खून की जरुरत थी इसके लिए सुभानी ने खून देने की अपील करते हुए एक पोस्टर बनाया।
राजेन्द्र नगर स्थित एक कोचिंग के बाहर लगे पोस्टर को देखकर दो दर्जन युवा खून देने को तैयार हो गए। जिनमें से छह लोगों की खून की मदद से उमर की अम्मी की जान बच गई। हालांकि ज्यादा खून की जरुरत नहीं पड़ी। सुभानी कहते हैं यह हमारे लिए ईद का इससे अच्छा तोफहा और क्या हो सकता है। यहां के लोगों के साथ मेरा अब खून का रिश्ता जुड़ गया है। क्योंकि खून देकर हिंदू भाइयों ने मेरी और मेरी मां की जान बचाई है। रक्तदान करने वाले अभिषेक ने बताया कहते है कि हम जानते थे कि जिन्हें हम खून दे रहे हैं वे पाकिस्तानी हैं लेकिन मानवता हर मजहब और राष्ट्रीयता से ऊपर है। अभिषेक ने अपने छह साथियों को तैयार किया और सभी खून देने के लिए तैयार हो गए।












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