कोर कमेटी के साथ अन्ना हजारे ने भंग की टीम अन्ना

ऐसा बताया गया कि कोर कमेटी लाकपाल के अंतर्गत आने वाले मामलों के लिए ही अधिकृत की गयी थी, लेकिन एक राजनीतिक दल के फैसले की आजादी इसको नहीं दी जा सकती। जिसके कारण इसको रद्द कर दिया गया है। दल के विषय पर नये तरीक से पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जनलोकपाल कानून से भ्रष्टाचार दूर होगा। यह देशवासियों की आशा थी।
अन्ना ने अपने ब्लॉग में लिखा है कि जनलोकपाल के कार्य के लिए ही टीम अन्ना बनाई गयी थी। अब हम एक राजनीतिक विकल्प की ओर रूख कर रहे है, इसलिए कोर कमेटी का कोइ मतलब ही नहीं है। गौरतलब है कि टीम अन्ना जंतर-मंतर पर आंदोलन कर रही थी। सरकार की ओर से किसी भी तरह की कोई पहल न करने पर उन्होंने अपने आंदोलन को राजनीति की तरफ मोड़ दिया।
इसपर एक सवाल खड़ा हुआ था कि क्या अन्ना राजनीति में शामिल होंगे? इसपर अन्ना की तरफ से जवाब आया था कि वह राजनीति में शामिल नहीं होंगे, लेकिन एक संरक्षक की भूमिका अवश्य निभा सकते है। ऐसी आशंका है कि आने वाली राजनीतिक दल की कार्यप्रणाली और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया अन्ना खुद देखेंगे।












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