नरेंद्र मोदी का इंटरव्यू लेने वाले नेता सपा से बाहर

ज्ञात हो कि तीन दिन पूर्व श्री सिददीकी ने गोधरा काण्ड व गुजरात दंगों के मुद्दें पर नरेन्द्र मोदी का साक्षात्कार किया था। इस साक्षात्कार में श्री मोदी ने कहा था कि यदि व दोषी हों तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाना चाहिए।
गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी का साक्षात्कार कर प्रदेश ही नहीं देश की राजनीति में हलचल मचा देने वाले सपा नेता तथा एक उर्दू साप्ताहिक के सम्पादक शाहिद सिद्दीकी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा। श्री सिददीकी को पार्टी से निकाल दिया गया। सपा के प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि
शाहिद सिद्दीकी पार्टी के सक्रिय नेता नहीं थे।
उन्होंने यहां तक कह डाला कि पार्टी को उसने कोई लेना देना नहीं जबकि श्री सिद्दीकी अब तक खुद को सपा का नेता कहते आए हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राम गोपाल यादव ने भी इसी तरह का बयान देते हुए कहा कि शाहिद सिद्दीकी का सपा से अब कोई सम्बन्ध नहीं रहा। उन्होंने एक बयान में कहा कि शाहिद ने बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा था और बाद में वह राष्ट्रीय लोकदल में शामिल हो गये थे।
उर्दू साप्ताहिक में प्रकाशित साक्षात्कार में नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि गुजरात दंगों में अगर वे दोषी है तो उन्हें फांसी पर लटका दिया जाये। उनके साक्षात्कार की राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा है। अपने को सपा का नेता बताने वाले शाहिद सिद्दीकी द्वारा श्री मोदी के साक्षात्कार में उनका पक्ष रखा गया है।
राजनीतिक पर्यवेक्षकों ने इस पर आश्चर्य व्यक्त किया है। दूसरी ओर सपा के वरिष्ठ मंत्री मोहम्मद आजम खान साहित अन्य नेताओं ने इस पर आपत्ति व्यक्त की है। पार्टी सूत्रों के अनुसार उन्होंने शाहिद सिद्दीकी को पार्टी से अलग रखने की बात भी उठायी। ज्ञातव्य है कि सपा के विरोधी आरोप लगाते रहे हैं कि मुलायम सिंह यादव की पार्टी भारतीय जनता पार्टी के प्रति नरम रवैय्या रखती है।
भाजपा के वरिष्ठ नेता व गुजरात के मुख्यमंत्री का साक्षात्कार भी इसी दिशा में प्रयास बताया जा रहा है। इन सभी अटकलों को विराम देते हुए सपा ने शनिवार को एक बयान जारी कर शाहिद सिद्दीकी से अपने सम्बन्धों को सिरे से नकार दिया।












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