डाऊ केमिकल के विरोध में भोपाल में आयोजित हुआ स्पेशल ओलंपिक

इस विरोध कि वजह बना है डाऊ केमीकल्स शायद इसे पढने के बाद आप इस सोच में पढ़ जाएं कि ओलंपिक में आखिर डाऊ केमिकल का क्या काम? तो आइये आपको बताते चलें कि डाऊ केमिकल लंदन ओलंपिक 2012 का प्रायोजक है। ये वही डाऊ केमीकल्स है जिसे 28 वर्ष पूर्व मध्य प्रदेश के भोपाल में हुई गैस त्रासदी का जिम्मेदार माना जाता है।
भोपाल के लोगों ने अमिताभ से इस बात पर नाराजगी जताई है कि जब वो ये बात अच्छे से जानते थे कि डाऊ इतने बड़े विनाश का जिम्मेदार है तो उन्होंने उस समय इसके खिलाफ क्यों कुछ नहीं किया क्यों नहीं उन्होंने प्रयास किया कि उन्हें प्रायोजक के पद से हटा दिया जाये।
आपको बताते चलें कि भोपाल में जो ओलंपिक हो रहा है उसका आयोजन गैस त्रासदी के लिए जिम्मेदार यूनियन कार्बाइड कारखाना परिसर के पास स्थित आरिफ नगर स्टेडियम में किया जा रहा है।
जहाँ एक दिन के इस विशेष ओलंपिक में आठ प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इस आयोजन में प्रदूषण से प्रभावित बच्चे 25 मीटर दौड़, क्रैब रेस (हाथों के बल घिसटना), सहारे के साथ चलना जैसे खेलों में भाग लेंगे।
मिली जानकारी के अनुसार भोपाल स्पेशल ओलम्पिक का उद्घाटन समारोह 'ईस्ट इंडिया कम्पनी से डॉव केमिकल कम्पनी तक' के विषय पर केन्द्रित होगा। इस आयोजन में अंग्रेजी हुकूमत की वजह से भारत में 17 अकाल, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में भारतीयों की सामूहिक फांसी, 1919 का जलियांवाला बाग नरसंहार और ब्रिटिश प्रधानमंत्री द्वारा डॉव केमिकल कम्पनी का समर्थन मुख्य रुप से उभर कर सामने आएगा।
इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को गैस पीडि़तों के लिए काम करने वाले संगठनों ने बाकायदा पुरस्कार भी प्रदान किए। भोपाल गैस पीडि़त निराश्रित पेंशनभोगी संघर्ष मोर्चा के बालकृष्ण नामदेव ने बताया कि प्रतियोगिता सुबह 11 बजे प्रारंभ हुई और दोपहर तीन बजे तक चली।
इस दौरान स्टेडियम भी भरा हुआ था और इनमें अधिकतर गैस पीड़ित थे। स्पेशल ओलंपिक के तहत नाटक के जरिए गैस पीडि़तों की समस्याएं भी उठाई गईं और मांग की गई कि डाऊ केमिकल से ओलंपिक खेलों के प्रायोजक की जिम्मेदारी तत्काल वापस ली जाए।












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