वोजदान को हिजाब पहन कर जूडो में भाग लेने पर पाबंदी

माना जा रहा है कि अरब सरकार वोजदान को भाग लेने से मना कर देगी। इस तरह वोजदान का सपना टूटना तय माना जा रहा है। वोजदान ओलंपिक में भाग लेने अपने पिता के साथ आई हुई हैं। चूंकि सऊदी अरब में भाई, पति और पिता के अलावा किसी गैर मर्द के साथ महिला के चलने पर पाबंदी है। इसलिए उनके पिता को साथ में भेजा गया है। वोजदान नहीं भाग ले पाएंगी तो सिर्फ सराह अतर ही दौड़ में भाग ले सकेंगी।
पिछले दिनों कट्टरवादी इस इस्लामी देश ने महिलाओं को ओलंपिक में भाग लेने की मंजूरी दे दी थी। ओलंपिक इतिहास में पहली बार सभी देश महिला खिलाड़ियों को भेजने की मंजूरी दे दी है। कतर और ब्रुनेई ने पहले ही महिला खिलाड़ियों को भेजने की घोषणा कर चुके हैं। इससे पहले सऊदी अरब ने महिलाओं के ओलंपिक में भाग लेने की बात तो कही थी, लेकिन एक पेंच लगा दिया था कि कोई खिलाड़ी ओलंपिक लायक नहीं है। सऊदी अरब की सरकार ने घोषणा की है कि सऊदी अरब की दो खिलाड़ी लंदन ओलंपिक में भाग लेगी। वोजदान अली सेराज जूडो में औऱ सराह अतर 800 मीटर दौड़ में भाग लेंगी। दोनों अमेरिका में ट्रेनिंग ले रहीं थीं, लेकिन अब वोजदान का सपना टूटता हुआ दिख रहा है।












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