अखिलेश सरकार का नजरिया साम्प्रदायिक: भाजपा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकान्त वाजपेयी ने कहा कि मात्र चार महीने की सरकार में प्रदेश में सा प्रदायिक हिंसा तेजी से बढ़ी है। स्थिति यह है कि बरेली, कोसीकलां, आंवला, फैजाबाद और प्रतापगढ़ में सा प्रदायिक तनाव हो गये। उन्होंने इन सा प्रदायिक तनावों की मुख्य वजह सरकार की सा प्रदायिक नजरिये से काम करने की शैली को बताया।
डा. वाजपेयी ने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, सपा के वरिष्ठ नेता प्रो. रामगोपाल यादव और स्वयं सपा अध्यक्ष गड़बड़ियां कर रहे हैं और अधिकारियों पर साजिश करने का आरोप मढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सरकार की असलियत यह है कि अधिकारियों पर दोषारोपण किया जा रहा है जबकि सच्चाई है कि अधिकारियों को स्वेच्छा से काम नहीं करने दिया जा रहा है। डा. वाजपेयी ने कहा कि सा प्रदायिक तनाव के शिकार हुए प्रतापगढ़ के लोगों को सरकार ने मकान देने का वायदा किया वहीं मथुरा के कोसीकलां में भी इसी वजह से लोगों के घरों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों को क्षति पहुंचाई गई थी तो वहां क्यों नहीं मकान या दुकान दिये गये।
भाजपा नेता ने बरेली में हुए तनाव के लिए सरकार को दोषी करार देते हुए कहा कि बरेली में कांवरियों का आने जाने का रास्ता तय है फिर उन्हें रोकने की कोशिश क्यों की गयी। उन्होंने कहा कि सरकार के इशारे पर अधिकारी काम करने को मजबूर हैं और इसीलिये जगह-जगह साम्प्रदायिक तनाव हुए। सरकार दोहरे चरित्र से काम कर रही है। कानून व्यवस्था की हालत बदतर बताते हुये उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश यादव के शपथ लेने के बाद 19 जुलाई तक 993 हत्याएं, 100 बलात्कार, 592 लूट व चोरी तथा 371 गुंडागर्दी के मामले राज्य भर में हुए, इससे सरकार के स्वस्थ कानून व्यवस्था के दावों की असलियत उजागर हो गयी।












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