पकड़े गये फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले चार मुन्ना भाई

कम्बाइण्ड प्री-मेडिकल टेस्ट (सीपीएमटी) में मंगलवार को तीन मुन्नाभाई धर लिए गए जिसमें एक लड़की भी शामिल है। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. सौदान सिंह के अनुसार लखनऊ में काउंसलिंग के दौरान आए गोरखपुर के शुभम नायक के आरक्षण प्रमाण पत्र पर अधिकारियों को शक हुआ। शक होने पर अधिकारियों ने उससे कड़ाई से पूछताछ की तो उसने हकीकत कबूल कर ली।
डा. सिंह ने बताया कि शुभम नायक ने अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र लगाया था जो फर्जी था। अधिकारियों ने शुभम को काउंसलिंग से बाहर करते हुए पुलिस के हवाले करने की तैयारी कर ली है। उधर काउंसलिंग के दौरान एक अन्य अभ्यर्थी भी पकड़ी गयी। गाजीपुर की रहने वाली श्वेता सिंह ने भी इसी प्रकार अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र लगाया था।
जांच के दौरान प्रमाण पत्र फर्जी पाया गया और अधिकारी श्वेता से पूछताछ करने लगे। अधिकारियों द्वारा तरह-तरह के प्रश्न किए जा रहे थे इसी दौरान श्वेता को लगा कि उसका झूठ पकड़ा गया है और मौका देखते ही वह वहां से निकल भागी। अधिकारियों ने उसे पकडऩे का प्रयास किया लेकिन कोई भी उसे पकड़ नहीं सका।
उधर इलाहाबाद में भी फर्र्जी प्रमाण पत्र पेश करने के आरोप में एक अभ्यर्थी सत्य प्रकाश को अधिकारियों ने पकड़ लिया। डा. सिंह ने बताया कि दो दिन पहले 22 जुलाई को एक अभ्यर्थी शक्ति चरण को अधिकारियों ने पकड़ा था जिसकी फोटा आवेदन फार्म में लगी फोटो से मेल नहीं खा रही थी। डा. सिंह के अनुसार इन अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्र्ज कराया जाएगा।












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