टीम अन्ना ने खोला चिठ्ठा- कपिल सिब्बल भ्रष्ट नं- 3
ये हैं वो आरोप जो टीम अन्ना ने कपिल सिब्बल पर लगाये। यह कॉपी सीधे टीम अन्ना ने वनइंडिया को भेजी है, इसमें हमने कोई संशोधन नहीं किया है-
मई 2007 में रिलायंस कम्युनिकेशन्स ने भारत सरकार के साथ हुए समझौते में दूर-दराज़ के ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीपफोन पहुंचाने की जिम्मेदारी ली थी। आरोप है कि रिलायंस कम्युनिकेशन्स ने नवंबर 2010 से 13 सर्कल के ग्रामीण क्षेत्रों में टेलीपफोन की सुविध बंद कर दी।
सरकार की तरपफ से 21 दिसंबर 2010 को रिलायंस कम्युनिकेशन्स को नोटिस भेजा गया किउनके खिलाप़फ 50 करोड़ प्रति सर्कल के हिसाब से पैनल्टी क्यों न लगाई जाए? रिलायंस ने जवाब देने के लिए छः हफ्रते का समय मांगा। लेकिन सरकारी अध्किारियों ने रिलायंस को साप़फ-साप़फ कह दिया कि समय तब दिया जाएगा जब ग्रामीण क्षेत्रों की सुविधएं चालू कर दी जाएगी।
टेलिकॉम विभाग के निदेशक, वित्त सलाहकार, वित्त सदस्य और टेलिकॉम सेक्रेटरी- सभी ने कपिल सिब्बल को रिलायंस पर सख़्त से सख़्त पैनल्टी लगाने की सलाह दी। सभी ने कहा कि रिलायंस पर 50 करोड़ प्रति सर्कल के हिसाब से पैनल्टी लगाई जाए, पर कपिल सिब्बल ने सभी अधिकारियों की सलाह को नामंजूर करके 500 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से केवल साढ़े पांच करोड़ रुपये कीपैनल्टी लगाने के आदेश दिए।
अफसरों की सलाह के मुताबिक पैनल्टी लगाई जाती तो रिलायंस पर साढ़े छः सौ करोड़ रुपये का जुर्माना बनता। लेकिन कपिल सिब्बल ने उसे घटाकर केवल साढ़े पांच करोड़ कर दिया।
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