गौड़ा का इस्तीफा मंजूर, शेट्टार होंगे कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री

शेट्टार भी लिंगायत समुदाय से ताल्लुक रखते हैं। भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने यहां संवाददाताओं से कहा, कर्नाटक में वर्तमान राजनीतिक स्थिति के मद्देनजर सदानंद गौड़ा ने अपना इस्तीफा मुझे सौंप दिया है। अपने कार्यकाल में उन्होंने काम किया और हमारी सरकार का प्रदर्शन बहुत अच्छा रहा। गडकरी ने कहा, उनके (गौड़ा) खिलाफ भ्रष्टाचार की कोई शिकायत नहीं आई, लेकिन एक अच्छे कार्यकर्ता की तरह पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए उन्होंने संगठन के हित में इस्तीफा दे दिया है। भाजपा अध्यक्ष ने यह भी घोषणा की कि उन्होंने पार्टी की ओर से गौड़ा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है।
गडकरी ने कहा, हमारी पार्टी ने जगदीश शेट्टार को नेतृत्व सौंपने का फैसला किया है। कल पार्टी विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री के रूप में शेट्टार के औपचारिक चुनाव की निगरानी के लिए वरिष्ठ भाजपा नेता राजनाथ सिंह और अरुण जेटली बेंगलूर जाएंगे। भाजपा सूत्रों ने कहा कि विधानसभा चुनाव महज दस महीने दूर हैं और पार्टी आलाकमान ने महसूस किया कि अच्छे प्रदर्शन के लिए पार्टी को येदियुरप्पा के नेतृत्व में लड़ना होगा जिन्हें बहुत से लोग पार्टी को हमेशा वोट देते रहे लिंगायत समुदाय के निर्विवाद नेता के रूप में देखते हैं।
गौड़ा द्वारा औपचारिक रूप से बुधवार तक कर्नाटक के राज्यपाल हंसराज भारद्वाज को इस्तीफा सौंपे जाने की संभावना है। शेट्टार वर्ष 2008 में सत्ता में आई वर्तमान भाजपा सरकार के तीसरे मुख्यमंत्री होंगे। पार्टी को विजय दिलाने वाले येदियुरप्पा को भ्रष्टाचार के एक मामले में लोकायुक्त की रिपोर्ट में अपना नाम आने पर इस्तीफा देना पड़ा था। गौड़ा पिछले साल अगस्त में मुख्यमंत्री बने थे। यहां आज सुबह गडकरी से मुलाकात के तुरंत बाद गौड़ा ने संवाददाताओं से कहा कि वह पार्टी के आज्ञाकारी सिपाही हैं।
उन्होंने कहा, केंद्रीय नेतृत्व के फैसले को वह तहेदिल से स्वीकार करते हैं। मैं पार्टी का वफादार कार्यकर्ता रहूंगा। मैं यह देखना चाहूंगा कि मेरी पार्टी का शेष कार्यकाल पर्याप्त रूप से अच्छा रहे। नए मुख्यमंत्री को मेरी ओर से हर तरह का समर्थन मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि उनकी पार्टी को विधानसभा चुनावों में एक बार फिर लोगों का आशीर्वाद मिलेगा। गडकरी ने हालांकि, गौड़ा की नयी भूमिका के बारे में स्पष्ट नहीं किया, लेकिन संभावना है कि उन्हें राज्यसभा का टिकट दिया जाएगा। उन्होंने उल्लेख किया कि गौड़ा की सेवाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर, दोनों जगह इस्तेमाल किया जाएगा।
ऐसा माना जाता है कि कर्नाटक इकाई का प्रभारी बनने की गौड़ा की खुद की इच्छा नहीं है। वह बीते समय में इस पद पर रह चुके हैं। गडकरी ने कर्नाटक की पार्टी इकाई से एकजुट रहने और विधानसभा चुनाव में अच्छा परिणाम देने को कहा। लेकिन दक्षिणी राज्य में पार्टी के कुनबे में पड़ी फूट के चलते यह अस्पष्ट है कि शांति कब तक कायम रहेगी। रोचक बात यह रही कि जब गडकरी ने गौड़ा के इस्तीफे की घोषणा की तो निवर्तमान मुख्यमंत्री उनके साथ नहीं थे। गौड़ा अपना इस्तीफा सौंपने के बाद गडकरी के घर के पिछले दरवाजे से निकल गए। गडकरी ने यह कहकर गौड़ा की खूब प्रशंसा की कि उन्होंने अपने कार्यकाल के 11 महीनों में कर्नाटक को अच्छा एवं स्वच्छ प्रशासन दिया।












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