जिंदाल का खुलासा, कंट्रोल रूम में मौजूद था ISI का मेजर समीर अली

उसने भारत में आतंकवादी वारदात को अंजाम देने की साजिश रची। उसने मुंबई पर हमला करने वाले अजमल आमिर कसाब और नौ अन्य आतंकवादियों की मदद की थी और उन्हें बैतूल मुजाहिदीन में प्रशिक्षण दिलवाया था। जिंदाल ने पूछताछ करने वाले भारतीय अधिकारियों को बताया कि मीर भारत में हुए सबसे खतरनाक आतंकवादी हमले का आयोजक और प्रेरक था। मुंबई में 2008 के इस आतंकी हमले में 166 लोगों की जान गयी थी।
सूत्रों ने बताया कि मुंबई हमला जब खत्म हुआ तो मेजर समीर अली ने नियंत्रण कक्ष में मौजूद सभी लोगों से कहा कि वे वहां से तितर बितर होकर भूमिगत हो जाएं। जिंदाल जब बैतूल मुजाहिदीन वापस गया तो लखवी अपनी तीन बीवियों के साथ एक सुरक्षित मकान में रह रहा था। सूत्रों ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय दबाव के कारण मुंबई हमले के कुछ सप्ताह बाद पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने नियंत्रण कक्ष पर छापा मारकर उसे ध्वस्त कर दिया था। कुछ महीनों बाद जब पाकिस्तान की संघीय जांच एजेंसी ने बैतूल मुजाहिदीन स्थित शिविर पर छपा मारा तो उन्होंने वहां से लखवी को गिरफ्तार किया।
जिंदाल ने कहा कि वह और लश्कर का एक अन्य आतंकवादी अबू कहफा आतंकी शिविर के पिछले दरवाजे से भागने में सफल हो गये। बैतूल मुजाहिदीन से भागने के बाद जंदल फैसलाबाद गया जहां वह दो महीने रहा और फिर पाक अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद लौट आया। इसके बाद जंदल का परिचय आईएसआई के वरिष्ठ अधिकारी कर्नल हमजा से कराया गया। हमजा ने जंदल को हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। उसने कहा कि वह जंदल को शरण और धन दोनों मुहैया कराएगा। जिंदाल जल्द ही रावलपिंडी गया और कर्नल हमजा की मदद से अप्रैल 2011 में सउदी अरब रवाना हो गया।












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