अब तो जान लेकर रहेगी यह गर्मी, इंद्रदेवता से आस

बेतहाशा गर्मी ने ली सात और की जान
फरीदाबाद में बेदर्द गर्मी के कारण सात लोगों की जान जा चुकी है। इससे पहले भी गर्मी की चपेट में आकर 17 लोगों की मौत हो चुकी है। उमस व चिलचिलाती धूप के चलते जीना मुहाल है। शरीर झुलसा देने वाली गर्मी के कारण लोगों का घर से बाहर निकला मुश्किल हो गया है। हालात यह हैं कि दोपहर को शहर की सड़कों पर कफ्र्यू जैसा नजारा रहता है।
बिजली कटौती से लोग बेहाल
उधर उमस व गर्मी से लोग परेशान बची कसर बिजली के झटकों ने पूरी कर दी। गर्मी के प्रकोप के आगे बार-बार फ्रिक्वेंसी डाउन होने से बिजली कटौती ने लोगों को खूब रुलाया। दस मिनट के लिए बिजली आती और घंटा भर गायब रहती है। पूरे दिन लोग गर्मी व बिजली से बेहाल हो गए। मानसून पहले ही दगा दे चुका है। गर्मी से त्रस्त हरियाणा के लिए सोमवार का दिन बिजली कट की वजह से और भी भारी पड़ा। हरियाणा में 1500 लाख यूनिट की मांग की तुलना में 500 लाख यूनिट से ज्यादा की कमी रही। उत्तरी ग्रिड से बिजली ज्यादा लेने पर केंद्र ने हरियाणा को चेता भी दिया है। बिगड़ते हालातों के पीछे मानसून में देरी व गर्मी बड़ा कारण है। प्रदेश में केवल पानीपत थर्मल पावर प्लांट के भरोसे ही बिजली का उत्पादन हो रहा है। इस बीच, प्रदेश के डेढ़ दर्जन एसई, एक्सईएन व एसडीओ ने पत्र लिख दिए हैं कि बिजली की कमी पूरी नहीं होने तक उनको सुरक्षा दी जाए या फिर छुट्टियों पर भेज दें।
तीन थर्मल प्लांट बंद हुए
बिजली निगम के अधिकारियों का कहना है कि प्लांट बंद होने से बिजली उत्पादन कम हो गया है। मजबूरी में बिजली कटौती लागू करनी पड़ रही है। कॉर्पोरेशन के चारों प्लांट तकनीकी कारणों से बंद हैं। मरम्मत कर रहे हैं। अभी तक लोगों को बिजली संकट से निजात दिलाने का कोई हल नहीं मिला। लोगों से अपील है कि वे बिजली का फालतू उपयोग न करें। प्रदेश के पांच में से चार थर्मल प्लांट बंद हैं। बिजली संकट को देखकर उत्तरी हरियाणा बिजली प्रसारण निगम के उच्च अधिकारी कुरुक्षेत्र में पूरा दिन मीटिंग में व्यस्त रहे। पूरे प्रदेश को पांच हजार मेगावाट बिजली की जरूरत है लेकिन वर्तमान में केवल पानीपत थर्मल प्लांट से ही 1100 मेगावाट बिजली आपूर्ति मिल रही हैं। फ्रीक्वेंसी भी सोमवार को 49.35 हट्र्स रही है। जबकि सुचारू रूप से बिजली आपूर्ति के लिए फ्रीक्वेंसी 50 से ऊपर होनी चाहिए। सिर्फ पानीपत थर्मल के सहारे प्रदेश की बिजली चालू है।
कहीं जाम तो कहीं अधिकारी बनाए बंधक
बिजली नहीं आने से गुस्साए लोगों का सब्र जवाब दे गया। खेदड़ के ग्रामीणों ने सोमवार को अग्रोहा मार्ग जाम कर दिया। इसके बाद एसडीओ और नायब तहसीलदार को बंधक बना लिया। तहसीलदार के आश्वासन देने के बाद ही बंधकों को छोड़ा गया। इसी तरह, यमुनानगर में जब बिजली नहीं मिली तो जोडिय़ा नाके पर स्थित पावर हाउस पर किसानों ने एसडीओ को बंधक बना लिया। उधर, नाराज ग्रामीणों ने बरवाला के बिजली घर की बिजली सप्लाई काट दी। अम्बाला और कुरुक्षेत्र में भी बिजली संकट से गुस्साए लोगों ने जाम लगा दिया। प्रदर्शनकारी किसान सड़क के बीचों बीच बैठ गए और जमकर नारेबाजी की। सिरसा के बेगू रोड पर पुराना डेरा सच्चा सौदा के पास बिजली पानी की किल्लत से परेशान प्रीत नगर के लोगों ने सोमवार को जाम लगा दिया। डेरे के आसपास स्थित विभिन्न कॉलोनियों से आई महिलाओं व पुरुषों ने बेगू रोड पर अवरोधक लगाते हुए रास्ता रोका व सड़क पर जाम लगाया। इस दौरान उन्होंने पब्लिक हेल्थ विभाग के खिलाफ नारेबाजी प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारी सुबह साढ़े नौ बजे पुराना डेरा सच्चा सौदा के समक्ष एकत्र होना शुरू हो गए। जाम लगने से बेगू रोड पर वाहनों की लंगी कतार लग गई। जाम में फंसे लोग विभिन्न वाहनों में सवार लोगों की भीषण गर्मी के चलते हालत खस्ता होने लगी।












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