फेसबुक के जरिये आतंकियों की भर्ती करता था अबू जुंदल

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शुरूआती पूछताछ में अबु जुंदल ने 9 फेसबुक अकाउंट और कई ईमेल आईडी होने कि बात कबूली है। जिंदाल ने ये भी बताया कि उसे अपनी सेना के लिए कई सारे रंगरूट सिर्फ फेसबुक के जरिये प्राप्त किये थे।
पूछताछ मेंअबु जुंदल ने बताया कि उसने फेसबुक पर कई सारे पेज तैयार किये थे जिनमें युवाओं को धर्म के खातिर जिहाद करने कि बात कही गयी थी। ज्ञात हो कि इन्ही के जरिये जुंदल इसी साल भारत में बड़े आतंकी हमले करवाने वाला था।
अगर सूत्रों कि माने तो आतंकी जकी उर रहमान लखवी की गिरफ्तारी से सबसे बड़ा आघात इसी को पहुंचा था क्योंकि लाखवी की गिरफ्तारी के बाद उसकी यह साजिश सिरे से नहीं चढ़ पाई थी। सूत्रों के मुताबिक खुफिया एजेंसियां और जानकारियां हासिल करने के लिएअबु जुंदल के सभी इंटरनेट एकाउंट्स को खंगाल रही है और सोशल साईट्स पर उसकी फ्रेंडलिस्ट को चेक कर रही हैं इस विषय पर तर्क देते हुए एजेंसियों का कहना है कि ऐसा करके कई महत्त्वपूर्ण जानकारियां हासिल हो सकती है।
अगर बात अबु जुंदल कि हो तो आपको बताते चलें कि जिंदाल भारत में लश्कर-ए-तैयबा का सबसे बड़ा कमांडर माना जाता है और जिसका असली नाम जबीउद्दीन अंसारी है। मूल रूप से महाराष्ट्र में बीड के रहने वाले अबु जुंदल का सुराग एक साल पहले सऊदी अरब में मिला था, जब उसके द्वारा पाकिस्तान में की गई एक टेलीफोन कॉल को अमेरिकी और भारतीय खुफिया एजेंसियों ने पकड़ा था।
गौरतलब है कि जहां एक तरफ सोशल नेटवर्किंग एक दूसरे से जुड़े रहने का माध्यम है वहीं दूसरी तरफ इसके कई ऐसे भी दुषपरिणाम है जिससे व्यक्ति बहुत बड़ी मुश्किल में फंस सकता है। ज्ञात को कि पहले भी कई ऐसे अपराधी पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में आ चुके है जिनका फेसबुक कनेक्शन था।












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